यहां स्थित औद्योगिक इकाई ब्राइट के प्रबंधतंत्र की ओर से फैक्ट्री के नियमित कर्मचारियों को एक के बाद एक देहरादून स्थानांतरित करने से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को फैक्ट्री के महाप्रबंधक का घेराव किया। इस दौरान लोगों की प्रबंधन पक्ष के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। दो घंटे से अधिक समय तक हुई वार्ता के बाद लोगों ने प्रबंध तंत्र को चेताया है कि वह कर्मचारियों को बेवजह यहां से बाहर स्थानांतरित न करे अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे।
औद्योगिक क्षेत्र में वर्ष 2009 में स्थापित ब्राइट मुख्य रूप से यहां स्थित एक्वामाल फैक्ट्री के लिए प्लास्टिक के छोटे-छोटे कंपोनेंट बनाती थी। एक्वामाल के बंद होने का असर इस फैक्ट्री पर भी पड़ा। फिलहाल ब्राइट में अन्य कंपनियों के लिए प्लास्टिक कंपोनेंट तैयार किए जा रहे हैं। फैक्ट्री प्रबंधन बीते कुछ दिनों से अपने नियमित कर्मियों को एक के बाद एक कर यहां से देहरादून स्थित इकाई में स्थानांतरित कर रहा है।
स्थानीय लोगों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने शुक्रवार को फैक्ट्री पहुंचकर महाप्रबंधक राजेश राणे और एचआर हेड रवि सक्सेना का घेराव किया। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन फैक्ट्री बंद करने की साजिश रच रहा है। घेराव कर रहे लोगों ने महाप्रबंधक राणे से कहा कि यदि कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जा रहा है तो उन्हें अच्छा पैकेज दिया जाए या फिर वीआरएस दिया जाए, लेकिन महाप्रबंधक ने ऐसा कुछ भी करने से इनकार कर दिया, जिसे लेकर घेराव कर रहे लोगों की एचआर हेड और महाप्रबंधक से नोकझोंक भी हुई।
यह देख प्रबंधन ने सुरक्षा की दृष्टि से फैक्ट्री में पुलिस बुला ली, इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। घेराव करने वालों में कांग्रेसी नेता पुष्कर सिंह मेहरा, ज्येष्ठ प्रमुख अनिल चनौतिया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष डीके डालाकोटी, युकां भीमताल विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष नीरज कुमार मोनू, युकां भीमताल के पूर्व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष देवेंद्र चनौतिया, सौरभ रौतेला, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष हरीश जोशी उर्फ राहुल, गोपाल बिष्ट, संजय जोशी, संजय टम्टा, विक्रम जीना, धीरज जोशी आदि शामिल थे।