मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि श्याम विहार स्थित भाजपा कार्यालय के पास मिले घोड़े के सैंपल की जांच में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद घोड़े की मौत हो गई। इसके बाद सभी निर्धारित वैज्ञानिक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शव को दफना दिया गया है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके पाठक के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। टीम श्याम विहार में घोड़ा मिलने वाले स्थान के दो किलोमीटर के दायरे में रहने वाले घोड़ा पालकों के यहां जाकर घोड़ों की स्क्रीनिंग करेगी। इस दौरान घोड़ों में ग्लैंडर्स के लक्षणों की जांच की जाएगी। संदिग्ध पशु मिलने पर उसे अलग रखने के साथ आवश्यक जांच और कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से घोड़ा पालकों को भी ग्लैंडर्स के लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। यह घोड़ों, गधों और खच्चरों में होने वाली गंभीर संक्रामक बीमारी है। संक्रमित पशु के स्राव और दूषित सामग्री के संपर्क से इसका संक्रमण फैल सकता है। मनुष्यों में भी इसके संक्रमण का खतरा रहता है।