कुमाऊं के पेंशन धारकों के लिए खुशखबरी है। अब बुजुर्ग पेंशन धारकों को जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए सरकारी दफ्तरों और बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने भी ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र देने की सेवा शुरू कर दी है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से मिली जानकारी के मुताबिक कुमाऊं मंडल में 20,000 से ज्यादा पेंशन धारक हैं। उन्हें हर साल नवंबर में जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होता है। इसके लिए उन्हें पहले बैंक जाना होता है। बैंक प्रबंधक काउंटर हस्ताक्षर करने के बाद संबंधित कागज ईपीएफ दफ्तर भेजता है। फिर यहां से कंप्यूटर में डाटा फीड होता है। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।
कई बार बैंकों में कर्मचरियों की कमी और भीड़ होने पर पेंशनधारकों को बैंक के कई-कई चक्कर काटने पड़ जाते हैं। ऐसे में पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत के दूरस्थ इलाके के पेंशनधारकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब ऑनलाइन व्यवस्था होने से पेंशनधारकों को इस समस्या से छुटकारा मिल सकेगा।
60 फीसदी पहुंच रहे ऑनलाइन दावे
क्षेत्रीय कार्यालय में जनवरी में भुगतान के लिए 8,500 से ज्यादा दावे आए। इनमें 5,000 से ज्यादा तो ऑनलाइन ही आए। दफ्तर भी ऑनलाइन दावों का महज पांच दिन में निबटारा कर लेता है जबकि कागजी कार्रवाई में 20 दिन लग जाते हैं।
ये बरतें सावधानी
ईपीएफ की इंटरनेट पर कई एप तो हैं लेकिन ये निजी हैं, इनसे जानकारी लेने पर आपका समस्त डाटा किसी अनजान के पास जाता है इसलिए सिर्फ उमंग एप ही डाउनलोड कर ईपीएफ संबंधी काम करें।
पेंशन धारकों के लिए ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र देने की सुविधा शुरू की गई है। किसी भी सरकारी कामन सर्विस सेंटर में जाकर आंखों, अंगूठे की बायोमैट्रिक एंट्री से प्रमाण पत्र दे सकते हैं। -कार्तिकेय सिंह, क्षेत्रीय आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन