हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में कुछ चिकित्सकों की ओर से मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर अस्पताल प्रशासन सख्त हुआ है। बुधवार को चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए जेनेरिक दवाओं के अनिवार्य उपयोग के निर्देश देते हुए सभी क्लीनिकल विभागाध्यक्षों को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है।
एमएस ने बताया कि अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध जेनेरिक के स्थान पर कुछ चिकित्सकों की ओर से ब्रांडेड दवाएं लिखे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे मरीजों को बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ती हैं। डॉ. जोशी ने निर्देश दिए हैं कि ओपीडी और भर्ती सभी मरीजों के लिए अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध जेनेरिक दवाएं ही लिखी जाएं। इसके अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी। यदि कोई चिकित्सक जेनेरिक के स्थान पर ब्रांडेड दवा लिखता है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभागाध्यक्षों से अपने अधीन कार्यरत सभी संकाय सदस्यों, एसआर, पीजी और जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा है।
नए भवन में आज से दंत रोग विभाग की ओपीडी होगी सुचारु
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के दंत रोग विभाग की ओपीडी बृहस्पतिवार 30 जुलाई से पूर्ण रूप से संचालित होगी। पिछले एक हफ्ते से नए भवन में शिफ्टिंग का कार्य चल रहा था जिसकी वजह से ओपीडी समेत अन्य जांचे सुचारु रूप से नहीं हो पा रही थीं। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भारत भूषण अवस्थी ने बताया कि ओपीडी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। नए भवन में मरीजों को दांतों की जांच, दांत निकालने, फिलिंग, मसूड़ों के रोगों के उपचार समेत अन्य दंत चिकित्सा सेवाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। संवाद
हल्दुचौड़ और कोटाबाग सीएचसी में तय दिनों पर मिलेगी अल्ट्रासाउंड सुविधा
हल्द्वानी। गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर अब प्रत्येक बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी हल्दुचौड़ और प्रत्येक शुक्रवार को सीएचसी कोटाबाग में नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध रहेगी। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि यह सुविधा केवल गर्भवती महिलाओं तक सीमित नहीं होगी। चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर अन्य मरीज भी निर्धारित दिवस पर अल्ट्रासाउंड जांच का लाभ ले सकेंगे। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से मरीजों की अनावश्यक भागदौड़ कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।