दूसरे दिन भी लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से मैदान तक जमकर तबाही मचाई। पहाड़ों पर मलबे ने राह रोकी रोकी मैदान में उफान पर आए नदी-नाले लोगों के लिए मुसीबत खड़ी करते दिखे। गौला नदी रौद्र रूप में दिखी। नदी के तेज बहाव के कारण गौला पुल के नीचे चेकडैम अपनी जगह छोड़ दी। एहतियातन पुल से बड़े वाहन का आवागमन रोक दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट के साथ ही एसडीएम व पुलिस फोर्स की यहां तैनाती रही।
मंगलवार सुबह छह बजे बादल छाए और सात बजते-बजते तेज बारिश शुरू हो गई। वर्षा के कारण शहर में बहने वाले नाले ओवर फ्लो रहे। रकसिया नाले में मंगलवार को पानी का बहाव तेज था। नाले में एक पेड़ भी बहते हुए आ गया। इससे पानी का बहाव रूका। तत्काल ही बचाव टीम ने पेड़ को जेसीबी की मदद से हटाया ताकी पानी का फ्लो बना रहे। देवखड़ी नाले की भी स्थिति यही रही। यहां नगर निगम की टीम तैनात कर दी गई थी। बसानी के पास नाला ओवर फ्लो रहा। इससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। भाखड़ा नदी में भी ज्यादा पानी रहा। नालों का बहाव तेज होने पर मौके पर पुलिस की तैनाती की गई है।
प्रशासन की टीम सतर्क है। गौलापार पुल पर एहतियातन बड़े वाहनों का आवागमन दिन में रोका गया था। काठगोदाम में मुनादी भी कराकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। अब तक कहीं भी किसी नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन के साथ ही नगर निगम की टीम बारिश में ही सुरक्षा इंतजाम का जायजा ले रही है। - गोपाल सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट
तीन से छह तक का येलो अलर्ट जारी
जलभराव ने घरों में किया कैद
अनवरत जारी बारिश से शहर के मोहल्लों में जलभराव हो गया। कठघरिया के साथ ही जज फार्म, नीलांचल काॅलोनी में भी पानी जम गया। तपोवन क्षेत्र में भी यही स्थिति दिखी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम ने निकासी करवाई। वार्ड 47, साकेत काॅलोनी में यही स्थिति देखी गई। जलभराव के कारण लोग घरों में कैद रहे।
मुनादी कराकर सचेत किया गया
गौला खतरे के निशान से तीन फुट ऊपर पहुंची
गौला नदी का जलस्तर दो दिन में 50 हजार क्यूसेक से ऊपर रहा। मंगलवार को यह दोपहर में 53722 क्यूसेक रिकार्ड किया गया। इस दौरान नदी खतरे के निशान से तीन फुट ऊपर बह रही थी। शाम को यह 10 सेमी तक पहुंच गई। लगातार हो रही बारिश के कारण बैराज के गेट सुबह से शाम तक खुले रहे।
इससे पहले 14 अगस्त को नदी का जलस्तर इस साल का सर्वाधिक 56 हजार क्यूसेक रिकार्ड किया गया था। सिंचाई विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में यह अधिकतम 75834 क्यूसेक तक पहुंचा था। वर्ष 1993 में यह सबसे अधिक 123900 क्यूसेक रहा जबकि साल 2004 में जलस्तर 95916 क्यूसेक रहा था