हल्द्वानी, सुखी गौला नदी। अमर उजाला
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हल्द्वानी। जीवनदायिनी गौला नदी सूख रही है। गौला का गिरता जलस्तर चिंता का सबब बना हुआ है। 28 नवंबर को गौला का जलस्तर 161 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया जो पिछले 11 वर्षों में गौला का सबसे कम जलस्तर दर्ज किया गया है। गौला नदी का जलस्तर इसी तरह गिरता रहा तो इस बार गर्मियों में पेयजल संकट पैदा हो सकता है।
सिंचाई विभाग के गौला बैराज सूत्रों के मुताबिक गौला का जलस्तर पहाड़ों की बारिश पर निर्भर करता है। इस बार नवंबर में पहाड़ों में भी बारिश नहीं हुई है, जिस वजह से गौला का जलस्तर लगातार गिर रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तरुण बंसल ने बताया कि क्षेत्र के गौलापार और गौलावार की नहरों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। इसके अलावा 30 क्यूसेक पानी जलसंस्थान को शहर की पेयजल व्यस्था के लिए दिया जाता है। जलस्तर कम होने से गौलापार, लालकुआं, गौलावार के कठघरिया, देवलचौड़ आदि नहरों को रोस्टर के हिसाब से चौथे दिन पानी दिया जा रहा है।
गिरते भूजल स्तर के चलते सेमी क्रिटिकल जोन घोषित है हल्द्वानी
हल्द्वानी। भूजल का अत्यधिक दोहन होने से नदियों का जलस्तर भी नहीं बढ़ रहा है। नलकूप खंड के एई आरके सिंह बताते हैं कि भूजल स्तर गिरने से हल्द्वानी ब्लॉक को सेमी क्रिटिकल जोन घोषित किया गया है। इस वजह से शासन से स्वीकृत हुए चार सिंचाई नलकूपों के छिद्रण पर रोक लगा दी गई है। जानकारों के मुताबिक भूजल का अत्यधिक दोहन और जंगलों का अंधाधुंध कटान जलस्तर में आ रही कमी का प्रमुख कारण है।
11 वर्षों में 28 नवंबर को गौला का जलस्तर
वर्ष जलस्तर (क्यूसेक में)
2010 347
2011 300
2012 190
2013 250
2014 230
2015 202
2016 227
2017 264
2018 209
2019 203
2020 161