रामनगर (नैनीताल)। महिला एकता मंच की सदस्य महिलाओं ने शहीद पार्क लखनपुर में धरना दिया। जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने घरेलू सिलेंडर पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने, गैस सब्सिडी बंद करने के प्रयास का विरोध किया।
धरनास्थल पर हुई सभा में महिला एकता मंच की संयोजक ललिता रावत ने कहा कि सरकार घरेलू गैस का निजीकरण कर इसे रिलायंस के हवाले कर रही है। इसलिए गैस सिलेंडर पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी वसूली जा रही है। उन्होंने महिलाओं से एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया। मंच की सहसंयोजक सरस्वती जोशी ने कहा कि पिछले वर्ष सरकार को गैस उत्पादन, वितरण से 5.24 लाख करोड़ रुपये की आय हुई थी।
यदि सरकार इस आय का 15 प्रतिशत भी गैस सब्सिडी पर खर्च कर दे तो प्रत्येक देशवासियों को 200 रुपये की दर से गैस सिलेंडर मिल सकता है। जुलूस के रूप में प्रशासनिक परिसर पहुंची महिलाओं ने महिलाओं ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें घरेलू गैस सिलेंडर की मूल्य वृद्धि वापस लेने, गैस उत्पादन, विपणन का निजीकरण बंद करने, 14.2 किग्रा वाले घरेलू गैस सिलेंडर 200 रुपये में देने, गैस सिलेंडर पर जीएसटी वापस लेने की मांग की। इस दौरान प्रमुख राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी, विमला देवी, ललिता उप्रेती, शीला शर्मा, मुनीष कुमार, जानकी देवी आदि थे।
भाकपा माले ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका
बिंदुखत्ता (नैनीताल)। भाकपा माले ने पेट्रो उत्पादों की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन कर स्टेशन चौराहे पर मोदी सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान भाकपा माले जिला सचिव कैलाश पांडे ने कहा की जब पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने पेट्रो उत्पादों की कीमतों को तय करने का अधिकार निजी तेल कंपनियों को दे दिया था, उस दौरान विपक्ष में बैठी भाजपा ने सरकार को खूब कोसा था। वहीं आज भाजपा सरकार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार वृद्धि हो रही है। इस दौरान भाकपा माले नेता कामरेड बहादुर सिंह जंगी, ललित मटियाली, आनंद सिजवाली, पुष्कर दुबुड़िया, गोविंद जीना, राजेंद्र शाह आदि थे।