नैनीताल। हाईकोर्ट ने पिथौरागढ, हल्द्वानी, रामनगर व अल्मोडा में कूडा निस्तारण के मामले में डीएम को आदेशित किया है कि वे अपनी देखरेख में कूडे का निस्तारण करवाएं। साथ ही न्यायालय ने इस संबंध की प्रोग्रेस रिपोर्ट 31 मई को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होगी। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिथौरागढ निवासी मनोज भट्ट व अन्य ने हाईकोर्ट में अलग अलग जनहित याचिकाएं दायर की थी।
जिसमें मनोज भट्ट का कहना था कि नगरपालिका की ओर से पिथौरागढ शहर का समस्त कूडा नैनीपातल में डाला जा रहा है। जिससे वहां पर गंदगी का भंडार हो गया है। याचिका में कहा कि नगरपालिका की ओर से जगह जगह कूडे को जलाया जा रहा है और कूडा सडकों तक में फैला रहता है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
वहीं हल्द्वानी, रामनगर व अल्मोडा में कूडा निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी जिले के डीएम को आदेशित किया है कि वह अपनी देखरेख में कूडे का निस्तारण करें।