नैनीताल। आखिरकार विद्यार्थियों के विरोध के आगे कुविवि प्रशासन झुक गया। अब 20 दिसंबर से प्रस्तावित स्नात्तकोत्तर की प्रथम व तृतीय सेमेस्टर की मुख्य परीक्षाएं एक फरवरी 2017 से शुरू होंगी। परीक्षा तिथि पर मंगलवार को परीक्षा समिति की बैठक में भी अंतिम मोहर लग गई।
दूसरी ओर बैठक शुरू होने से पहले विद्यार्थियों ने परीक्षा तिथि बढ़ाए जाने की मांग को लेकर विवि प्रशासनिक भवन में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रभारी कुलपति को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि परीक्षा तिथि नहीं बदली तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बता दें कि जब से विवि के परीक्षा अनुभाग ने सेमेस्टर परीक्षा की तिथि 20 दिसंबर घोषित की है तब से छात्रनेता लगातार परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। छात्रों का तर्क था कि उनका कोर्स पूरा नहीं हुआ है। कुमाऊं भर से इस बारे में छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रभारी कुलपति प्रो. नागेश्वर राव के निर्देश पर मंगलवार को परीक्षा नियंत्रक प्रो. रजनीश पांडे ने परीक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई थी। बैठक दोपहर 12 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन छात्रसंघ के वर्तमान और पूर्व छात्रनेता तथा कई अन्य विद्यार्थी सुबह 10 बजे से विवि प्रशासनिक भवन में पहुंचना शुरू हो गए थे।
बैठक शुरू होने से पूर्व ही छात्र विवि सभागार में घुस गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और प्रभारी कुलपति से परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग की। इस दौरान प्रभारी कुलपति प्रो. राव ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में 12 बजे से परीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से 20 दिसंबर से होने वाली परीक्षाओं को स्थगित करते हुए 1 फरवरी 2017 से कराने का फैसला लिया गया।
प्रभारी कुलपति प्रो. राव की अध्यक्षता में हुई बैठक में रजिस्ट्रार प्रो. डीसी पांडे, सहायक कुलसचिव नरेंद्र सिंह रजवार, सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. आरएस पथनी, प्रो. एएस उनियाल, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. संजय कुमार, डॉ. गंगा सिंह बिष्ट आदि थे। प्रदर्शन करने वाले छात्रों में छात्र संघ सचिव जितेंद्र बंगारी, मोहित रौतेला, पवन कन्याल, करन दनाई, भाष्कर बोरा आदि थे। परीक्षा नियंत्रक प्रो. पांडे के मुताबिक परीक्षा कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाएगा।