हल्द्वानी। डेढ़ माह में साइबर सेल में 60 प्रतिशत शिकायतें एपीके फाइल से जुड़ी आ रही हैं। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद खाते से रकम कट रही है। हर माह डायल 1930 पर इस तरह के 20 से 25 मामले आ रहे हैं। जांच के बाद इन मामलों को संबंधित थानों में प्राथमिकी व विवेचना के लिए भेजा रहा है।
साइबर सेल के अनुसार एपीके फाइल को क्लिक करने के बाद मोबाइल का एक्सेस साइबर ठग को मिल जाता है। इसके बाद वह इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी के अलावा अन्य गतिविधियां भी देख सकता है। यह एक तरह की मोबाइल क्लोनिंग होती है जिसका पता सामने वाले को नहीं चल पाता है।
एडमिन परमिशन देता है सारा एक्सेस
साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर गणेश मनोला ने बताया कि मोबाइल के सेटिंग में कई बार जानकारी न होने की वजह से एडमिन परमिशन दे दिया जाता है। यह परमिशन मिलने के बाद ही एपीके फाइल डाउनलोड होने के बाद उस मोबाइल का एक्सेस साइबर ठग को मिल जाता है। इससे बचने का तरीका है कि इस परमिशन को डिनाई करें। साइबर सेल के अनुसार व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड का ऑप्शन ऑन रहता है। इसे बंद रखकर जो जरूरी हो वही डाउनलोड करें।