उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन का मामला हाईकोर्ट का पहुंच गया है। स्टिंग के जरिए कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग साथ-साथ सीबीआई जांच को लेकर बृहस्पतिवार को जनहित याचिका दायर की गई। मामले की सुनवाई शुक्रवार को डबल बेंच में होगी। मामला कोर्ट में पहुंचने से पूर्व सीएम रावत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मामले के अनुसार दिल्ली निवासी मनन शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ में जनहित याचिका दायर कर 26 मार्च 2016 को हुए स्टिंग ऑपरेशन मामले की सीबीआई की विशेष टीम से जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण में यूनियन ऑफ इंडिया, उत्तराखंड राज्य, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, पूर्व सीएम हरीश रावत और सीबीआई को पार्टी बनाया है।
उन्होंने याचिका में निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा कि हरीश रावत प्रभावशाली हैं, जिसकी वजह से उत्तराखंड का कोई नागरिक उनके खिलाफ नहीं बोल रहा है। इसलिए वह दिल्ली से यहां पूर्व सीएम के गलत व्यवहार के खिलाफ आए हैं। उन्होंने याचिका में यह भी अनुरोध किया कि इस मामले में कोर्ट जल्द किसी निष्कर्ष तक न पहुंचे, अन्यथा इस जनहित याचिका का महत्व प्रभावित हो सकता है।