रामनगर (नैनीताल)। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की आमपोखरा रेंज के वनकर्मियों ने वन गुजर को रंगेहाथ दबोच लिया। वह हाथी को करंट से मारने के बाद उसके दांतों को बाइक से बेचने ले जा रहा था। आमपोखरा रेंज की टीम बृहस्पतिवार रात 1:30 बजे गोशाला-मालधनचौड़ मार्ग पर गश्त कर रही थी। तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक से हाथी के दांतों की तस्करी हो रही है।
सतर्कता बढ़ाने के बाद उन्हाेंने देखा कि आमपोखरा प्लॉट नंबर 22 निवासी वन गुजर मो. कासिम बाइक से आया। जैसे ही उसने वनकर्मियों की गाड़ी देखी तो उसने पॉलीथिन में रखे हाथी के दो बड़े दांत झाड़ियों में फेंक दिए। इसके बावजूद वनकर्मियों ने घेराबंदी कर तत्काल उसे पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर हाथी के दो बड़े दांत बरामद किए।
इसकी सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गई। डीएफओ डीके सिंह ने आरोपी मो. कासिम से पूछताछ की। बताया कि अगस्त में घर के बाहर लगाए गए करंट से हाथी की मौत हो गई थी। उसे रातोंरात वहीं दबा दिया गया था। कुछ दिन पूर्व ही शव से हाथी दांत निकाले गए थे, जिन्हें वह बेचने के लिए ले जा रहा था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत उसका चालान किया गया है।
हाथी के दोनों दांत करीब 20 किलो वजन के थे। इन दांतों की लंबाई 1.15 और 1.25 मीटर है, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी है। एसडीओ कलम सिंह बिष्ट को इसका जांच अधिकारी बनाया गया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर और पूछताछ की जाएगी। गश्ती दल में रेंजर ललित आर्या, वन दरोगा हरि राम, वन रक्षक राजेेंद्र रावत, आमिर खान आदि थे।
हाथी दांत तस्करी ने खोली विभागीय गश्त की पोल
रामनगर (नैनीताल)। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की आमपोखरा रेंज हमेशा अतिसंवेदनशील क्षेत्र रहा है। तराई से लेकर भाबर तक फैला यह जंगल खतरे में है। पहले यहां बाहरी वन अपराधी आते थे लेकिन अब जंगल में रहने वाले गुजर भी वन्यजीव अंग तस्करी करने लगे हैं। इस पर संरक्षण से जुड़े लोगों ने गहरी चिंता जताई है।
आमपोखरा रेंज के प्लॉट नंबर 22, 23 में वन गुजरों ने करीब 10 एकड़ आरक्षित वनभूमि को साफ किया है। कई पेड़ों का कटान कर धान की फसल बोई है। हाथी को मारकर दांत निकाल लेने तक से वनकर्मियों की गश्त की पोल खुल गई है। इस रेंज का जंगल कार्बेट टाइगर रिजर्व से भी सटा है। यहां हाथियों समेत बाघों की भी बड़ी संख्या है। वन गुजर दिनभर घने जंगलों में रहकर अपने जानवर चराते हैं।
उन्हें देखकर वनकर्मी भी जंगल को सुरक्षित समझते हैं लेकिन अब हुए खुलासे से आशंका जताई जा रही कि न जाने कितने वन्यजीवों को इन लोगों ने मारा होगा। हाथी दांत तस्करी में गिरफ्तार वन गुजर मो. कासिम रात में अपनी बाइक से आसपास के क्षेत्र में ही बेचने जा रहा था, या किसी बड़े तस्कर के पास? इस बारे में कासिम से कड़ी पूछताछ होने पर कई अहम सुराग विभाग को मिल सकते हैं। यदि विभाग हाथी दांत के खरीदारों का पता लगा ले तो कई रहस्य खुलेंगे जो कई तस्करों की धरपकड़ में मददगार होंगे।