फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैराज में बंद मिली विरासत को सहेजेगा वन विभाग

विज्ञापन
कैंप लॉरी वाहन
विज्ञापन
हल्द्वानी। हल्द्वानी वन प्रभाग के छकाता रेंज कार्यालय के गैराज में सालों से एक विरासत (कैंप लारी वाहन) धूल खा रही थी। मामला वाहन के नीलामी तक पहुंच गया था पर जब गैराज खुला और वाहन के महत्व का पता चला तो नीलामी को टालने के साथ सहजने की योजना बनाई गई है।
विज्ञापन

हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार बताते हैं कि पहले डीएफओ, वन संरक्षक समेत अधिकारी गश्त पर जाते थे तो उनके साथ पूरा कार्यालय ही जंगल में जाता था। जंगल में ही कार्यालय से जुड़े कार्य होते रहते थे, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। कैंप बाबू जैसे पद सृजित किए गए थे। जब वन संरक्षक गश्त पर जाते थे, तो साथ एक कैंप लारी वाहन भी जाता था। इसमें सभी आवश्यक संसाधन होते थे। ऐसा ही वन संरक्षक का मर्सिडेंज बेंज कंपनी का 1967 मॉडल का वाहन छकाता रेंज कार्यालय के गैराज में रखा हुआ था। यह वाहन अभी भी काफी हद तक सुरक्षित है, इस वाहन में अधिकारी, स्टाफ के बैठने और सामान आदि रखने की खास तौर पर व्यवस्था की गई थी। यह हमारी विरासत का एक हिस्सा है, जब इसके महत्व के बारे में पता चला तो उसे संरक्षित करने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त को पत्र भी लिखा गया है।
जंगलात नंधौर ट्राम वे का संचालन करता था
हल्द्वानी। हल्द्वानी वन प्रभाग राज्य के पुराने डिविजनों में एक है। इस प्रभाग में कई अलग तरह के प्रयास भी हुए। ब्रिटिशकालीन दौर में वन विभाग लकड़ी ढुलान के लिए नंधौर ट्राम वे और टनकपुर ट्राम वे का संचालन भी करता था। नंधौर ट्राम वे नंधौर रेंज से किशनुरपुर रेंज तक चलती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें