फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: जिम काॅर्बेट की यादों को सहेजेगा वन विभाग

Sun, 16 Mar 2025 01:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
रामनगर। मशहूर शिकारी जिम काॅर्बेट का रामनगर वन प्रभाग के देचौरी वन विश्राम गृह से विशेष जुड़ाव रहा है। यहां रहते हुए उन्होंने अपने जीवन के सबसे विशालकाय हमलावर बाघ को मारा था और लोगों को बाघ के आतंक से निजात दिलाई थी। वहीं समय के साथ-साथ वन विश्राम गृह जर्जर अवस्था में आ गया है। जिसका 30 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार करने की तैयारी विभाग ने कर पूरी ली है।
विज्ञापन




वर्ष 1930 में जिम काॅर्बेट बैचलर ऑफ पवलगढ़ (हमलावर बाघ) को मारने के लिए रामनगर वन प्रभाग के देचौरी वन विश्राम गृह में पहुंचे थे। वहां एक रजिस्टर आज भी सुरक्षित है जिसमें उनकी आमद दर्ज है। देखरेख के अभाव में कई दशकों के बाद यह विश्राम गृह जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। सुरक्षा की दृष्टि से विभाग ने विश्राम गृह को वर्षों पहले ही बंद कर दिया गया था।
अब वन विभाग के अधिकारियों ने 30 लाख रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार कराने की योजना बनाई है। विश्राम गृह को पुराने स्वरूप में रखकर जिम काॅर्बेट से जुड़ीं यादों को विभाग सहेजेगा। संवाद
विज्ञापन





जिम काॅर्बेट की प्रमुख किताब में हैं घटना का उल्लेख



1944 में प्रकाशित जिम काॅर्बेट की प्रसिद्ध किताब मैन-ईटर्स ऑफ कुमाऊं में बैचलर ऑफ पवलगढ़ की कहानी को बताया गया है। बताया है कि इस बाघ की लंबाई 10 फीट तीन इंच से अधिक की थी और यह बाघ अन्य बाघों की तुलना में काफी बढ़ा था। जिसे पवलगढ़ के राजा रूप जाना जाता था।




कोट -



देचौरी रेंज में बने वन विश्राम गृह के जीर्णोद्धार के लिए 30 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। जल्द ही इसका कार्य शुरू कर पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। - दिगांथ नायक, डीएफओ, रामनगर वन प्रभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें