हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में इस वर्ष गेहूं की सरकारी खरीद की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। आधा सीजन बीतने को है और खाद्य विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य से कोसों दूर नजर आ रहा है। मंडल में 35 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। अब तक विभाग की सहकारी समितियों और अन्य एजेंसियों को मिलाकर महज 7170.78 मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी है।
विभागीय आकड़ों के अनुसार अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष 25 प्रतिशत भी खरीद नहीं हुई है। सबसे अधिक निराशाजनक स्थिति चंपावत जिले की है। जहां तीनों सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इन केंद्रों से अब तक एक भी दाना गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। ऊधमसिंह नगर से 109 केंद्रों में सबसे अधिक 5498.67 मिट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई हैं। ऐसे ही नैनीताल जिले के 12 क्रय केंद्रों में केवल 80.5 मिट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
जानकारों का कहना है कि खुले बाजार में गेहूं की कीमतों में उछाल और निजी व्यापारियों द्वारा हाथों-हाथ नकद भुगतान किए जाने के कारण किसान सरकारी कांटों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं की कीमत के 2525 तो वहीं मिलों में यह 2700-2800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
मंडल के सभी जिलों में गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र संचालित है। किसानों को केंद्र की तुलना में बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं जिसके चलते किसान बाजार का रुख कर रहे हैं। विभाग का प्रयास गेहूं खरीद के लक्ष्य को तय समय पूरा करने का है।
- सीएस मर्तोलिया, आरएफसी