उत्तराखंड कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) में प्रशिक्षु अधिकारियों की नियुक्ति का विरोध करने पर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के निलंबित पांचों कर्मचारियों को बुधवार को तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया गया। इनमें तीन कर्मचारी नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ और दो ऊधमसिंह नगर के कर्मचारी हैं। दुग्ध संघ के इन पांचों कर्मचारी नेताओं को सवेतन बहाल किया है।
मालूम हो कि यूसीडीएफ में प्रशिक्षु अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने पर दुग्ध सहकारी संघ कर्मचारी यूनियन ने विरोध किया था। साथ ही, नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग को लेकर बोर्ड बैठक में शामिल होने आए अपर निदेशक कमल सिंह को ज्ञापन भी सौंपा था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यूसीडीएफ के प्रबंध निदेशक एलएम रयाल ने नैनीताल-लालकुआं दुग्धसंघ और ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघ के सामान्य प्रबंधक से जवाब तलब किया था कि उनके अधीनस्थ कर्मियों ने फेडरेशन के हित में किए जा रहे कार्यों का विरोध क्यों किया।
इस पर दोनों दुग्ध संघ के सामान्य प्रबंधकों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के बाद पांचों कर्मचारी नेताओं को तीन मई को निलंबित कर दिया था। इन कर्मियों में नैनीताल लालकुआं दुग्ध संघ कर्मचारी यूनियन के संरक्षक और विक्रय पर्यवेक्षक प्रेम सिंह बगड़वाल, महामंत्री संजय भाकुनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूरन सिंह देऊपा, ऊधमसिंह नगर के दुग्ध संघ की किरन माजिला और नवीन लोहनी शामिल थे।
इधर, निलंबित कर्मचारियों से सामान्य प्रबंध पीसी शर्मा ने स्पष्टीकरण मांगा था। उनके जवाब से संतुष्ट होने के उपरांत उन्हें बुधवार को सवेतन बहाल कर दिया गया। तीनों कर्मचारी नेताओं को हिदायत दी गई है कि वे कर्मचारी आचरण नियमावली का पूर्ण पालन करेंगे। इस पर दुग्ध संघ कर्मचारियों ने खुशी जताई है।