हल्द्वानी। एमडी/एमएस कर बांड तोड़ने वाले छात्र-छात्राओं को पहाड़ पर सेवाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज ने बांड की राशि बढ़ा दी है। अब पीजी पूरा करने के बाद छात्र-छात्राएं अगर पहाड़ पर सेवाएं नहीं देंगे तो उन्हें ढाई करोड़ रुपये भरने होंगे। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में आने वाले छात्र-छात्राएं एमबीबीएस करने के बाद एमडी/एमएस करते हैं। एमडी/एमएस करने के दौरान उन्हें बांड भरना होता है कि कोर्स पूरा करने के बाद तीन वर्षों तक पर्वतीय क्षेत्रों के जिला अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में न जाने पर उन्हें 16 लाख रुपये भरने पड़ते हैं। एमडी/एमएस पूरा करने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में जाने से बचने को डाक्टर बांड तोड़ देते हैं और 16 लाख रुपये भरकर निकल जाते हैं। डॉक्टरों को रोकने के लिए बांड की राशि को बढ़ाकर ढाई करोड़ रुपये कर दिया गया है। दूसरी ओर पांच अप्रैल से राज्य कोटे की 33 सीटों के लिए काउंसिलिंग होने की संभावना है।
चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में पीजी की 19 सीटों में 10 सीटों पर छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। पीजी की बढ़ी हुई सीटों की द्वितीय राउंड की काउंसिलिंग 27 अप्रैल को होगी। इसमें ऑल इंडिया कोटे की मेडिकल कालेज में 22 सीटें हैं। पीजी की दस सीटों पर दाखिला लेने वाले छात्रों ने द्वितीय राउंड की काउंसिलिंग का विकल्प लिया है।