बीते 10 दिन में दिल्ली समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों से पर्वतीय जिलों में आने वाले यात्रियों की आवाजाही कम हो गई है। परिवहन निगम की दिल्ली मार्ग पर हर दिन 9 से 10 बस सेवाएं रद्द हो रही हैं। पर्वतीय दूरस्थ मार्गाें पर चलने वाली केमू बसों का भी हाल बेहाल है। पर्वतीय मार्गाें पर डायवर्जन के कारण टैक्सी संचालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। कैंची धाम और भवाली से टैक्सियों को रामगढ़, धानाचूली के रास्ते भेजा जा रहा है। ऐसे में अब परिवहन कारोबार से जुड़े महकमों के साथ ही कारोबारियों को दीपावली पर भीड़ से कमाई की उम्मीद जगी है।
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सीजन में एक ही मौका आया कमाई का
दो अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर वीकेंड के साथ हुए अवकाश में सैलानियों की भारी भीड़ कैंची धाम, नैनीताल, भीमताल में उमड़ी थी। इसमें होटल, रेस्टोरेंट के साथ ही ट्रेवल एजेंसी संचालकों ने भी कमाई की थी लेकिन इसके बाद से लगातार सैलानियों की संख्या कम हो रही है। टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार अक्तूबर की शुरुआत में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए की गई सख्ती के बाद पर्यटक यहां आना पसंद नहीं कर रहे हैं, महंगी कारों से आने वाले सैलानियों को खटारा शटल सेवा से कैंची पहुंचाया जा रहा है।
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यात्री घटते ही बसों के पहिए जाम
मंगलवार को भी नैनीताल और दिल्ली मार्ग पर यात्रियों की कोई भीड़ नहीं रही, इसके चलते दिल्ली मार्ग पर रोडवेज की 10 बसों का संचालन ठप रहा। नैनीताल, भीमताल समेत अन्य स्थानों पर जाने वाली बसों में भी कम यात्रियों ने सफर किया।
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दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस में भी नहीं रही भीड़
काठगोदाम रेलवे स्टेशन से चलने वाली लंबी दूरी की रेलगाड़ियां तो अगले 15 दिनों तक पूरी तरह पैक हैं, केवल रोजाना अपडाउन करने वाली शताब्दी एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति, देहरादून जनशताब्दी में यात्रियों के लिए सीटें उपलब्ध हैं। मंगलवार को दशहरे के मौके पर हल्द्वानी स्टेशन से दिल्ली जा रही शताब्दी में यात्रियों की ज्यादा भीड़ नजर नहीं आई।
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बसों में यात्रियों की संख्या लगातार कम हो रही है, रोजाना की कमाई लक्ष्य से काफी दूर है, दीपावली में बसों में यात्रियों के बढ़ने की उम्मीद है।
-संजय पांडे, एआरएम हल्द्वानी डिपो
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अक्तूबर का सीजन बस संचालक के लिए ठीक नहीं रहा है। कई संचालक बस बेचने की स्थिति में आ गए हैं, डग्गमारी करने वाली टैक्सियों की वजह से यात्री केमू स्टेशन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
-हिम्मत सिंह नयाल, अधिशासी निदेशक, केमू
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त्योहार पर तीन दिन टैक्सियों का कारोबार भी धीमा रहा। दो अक्तूबर के दौरान लंबे वीकेंड पर आए सैलानियों के बाद सख्ती बढ़ी है, डायवर्जन के साथ ही शटल सेवा से बचने के लिए पर्यटक कम आ रहे हैं। टैक्सी संचालकों को काफी नुकसान हुआ है।
-मनोज भट्ट, उपाध्यक्ष कुमाऊं टैक्सी यूनियन महासंघ