बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों और मांग में बदलाव का असर दिखाई देने लगा है। दो माह में हल्द्वानी की थोक गल्ला मंडी में सरसों के तेल के 15 लीटर के कनस्तर की कीमत में 200 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, रिफाइंड तेल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं।
थोक कारोबारियों के अनुसार, पिछले कुछ माह में रिफाइंड तेल की मांग में 15 से 25 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसके मुकाबले सरसों के तेल की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कारोबारी रोहित गर्ग ने बताया कि दो माह पहले सरसों के तेल का 15 लीटर का कनस्तर 2650 से 2850 रुपये तक उपलब्ध था जिसकी कीमत अब बढ़कर 2850 से 3050 रुपये हो गई है। इस तरह कंटर की कीमत में करीब सात से साढ़े सात प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, रिफाइंड तेल का 15 लीटर का कनस्तर 2350 रुपये से शुरू हो रहा है।
कारोबारी हरीश ने बताया कि सरसों का तेल राजस्थान से पहुंच रहा है। पिछले साल तक सरसों और रिफाइंड तेल की कीमतों में प्रतिलीटर दो से तीन रुपये का अंतर रहता था, जो अब बढ़कर आठ से नौ रुपये तक पहुंच गया है। उपभोक्ता रिफाइंड के मुकाबले सरसों के तेल को अधिक पसंद कर रहे हैं। इसके चलते सरसों के तेल की मांग बढ़ी है जबकि रिफाइंड तेल की मांग में गिरावट आई है।