करीब 250 अटेंडेंट को अप्रैल और मई का वेतन मिला था, इसके बाद भुगतान नहीं हुआ। वहीं क्लर्क, फार्मासिस्ट और मेंटिनेंस से जुड़े 200 से अधिक कर्मचारियों को केवल अप्रैल का वेतन मिला है। 25 तकनीशियनों को अप्रैल से ही वेतन नहीं मिला है। इनमें नर्स, वार्ड ब्वॉय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, लैब कर्मी और क्लर्क आदि शामिल है।
कर्मचारियों ने बताया कि 14 अगस्त को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के मेडिकल कॉलेज दौरे के दौरान भी वेतन का मुद्दा उठाया गया था। उस दौरान निदेशक ने एक सप्ताह के भीतर वेतन आहरित कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।
इधर चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि वेतन के संबंध में जानकारी ली जा रही है। किसी भी कर्मचारी का वेतन रोका नहीं जाएगा।