नैनीताल। वन विभाग की टीम दार्जलिंग से मादा मारखोर और अन्य प्रजातियों के पक्षी लेकर रविवार रात नैनीताल चिड़ियाघर पहुंच गई। नैनीताल जू लाए वन्यजीवों को फिलहाल क्वारंटाइन किया गया है।
बता दे कि दस वर्ष पूर्व दार्जिलिंग से मारखोर का जोड़ा नैनीताल चिड़ियाघर लाया गया था। कुछ समय बाद मादा मारखोर की मौत हो गई थी। इसके बाद से नर मारखोर बाड़े में अकेला रह गया था। बीते कुछ वर्षों से मादा मारखोर व अन्य जीवों को जू में लाने की कवायद की जा रही थी। जू के निदेशक और डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत दार्जिलिंग से एक मादा मारखोर, सिल्वर फीजेंट, गोल्डन फीजेंट व एमहर्स्ट के दो-दो जोड़े लेकर टीम नैनीताल जू पहुंची। मादा मारखोर की उम्र दो वर्ष है। बताया कि दूसरे चिड़ियाघर से लाने के कारण जीवों से कोई संक्रामक बीमारी अन्य जीवों को न फैले, इसके लिए सभी को क्वारंटीन किया है। जल्द ही सभी जीवों को बाड़ों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
रामनगर से राजाजी पार्क भेजी बाघिन
रामनगर (नैनीताल)। राजाजी पार्क के मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में कुनबा बढ़ाने के लिए कॉर्बेट पार्क से एक और बाघिन को सोमवार को राजाजी पार्क भेजा गया। सात मार्च को यह बाघिन ढेला जोन से पकड़ी गई थी।
प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव प्रतिपालक के निर्देश पर सात मार्च को ढेला से सात वर्षीय बाघिन पकड़ी गई थी। इसे ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय के नेतृत्व में सोमवार को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघिन को ढेला रेस्क्यू सेंटर से राजाजी पार्क भेजा गया। इस दौरान कॉर्बेट पार्क के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा, चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर के पशु चिकित्सक डॉ. अमित ध्यानी, एसडीओ राजाजी पार्क हरीश नेगी आदि रहे। बाघिन को भेजने के दौरान सेंट्रल जू अथॉरिटी के मानक और एनटीसीए की गाइडलाइन का पालन किया गया। बता दें कि बीते चार वर्षों में कॉर्बेट पार्क से तीन बाघिन और एक बाघ को राजाजी भेजा गया है। एक बाघ और भेजा जाना है।