हल्द्वानी। पुलिस बहुउद्देशीय भवन परिसर में बृहस्पतिवार शाम अधिवक्ता अंजु धरने पर बैठ गईं। उनका आरोप था कि उन्होंने रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण हवन के विरोध में तहरीर दी थी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत 14 जिन की जांच सीमा भी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। करीब तीन घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त किया।
महिला अधिवक्ता ने बताया तहरीर दिए जाने के बाद उनसे न तो साक्ष्य बतौर कुछ मांगा गया और न ही जांच शुरू हुई। 14 दिन तक वह इंतजार करती रहीं और उसके बाद जब वह पहुंची तब फिर तीन दिन का समय पुलिस ने दिया। आज तक उनकी तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। बृहस्पतिवार को वह धरने पर बैठीं और किताब पढ़कर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही तो पुलिस आम जनता की भी क्या सुनेगी। महिला अधिवक्ता ने बताया कि करीब तीन घंटे बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें एक सप्ताह में जांच पूरी कर प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया है।
महिला अधिवक्ता की तहरीर पर जांच की जा रही है, जल्द तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी