नैनीताल। निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र की याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शुल्क नियामक अथॉरिटी के फीस बढ़ोतरी के निर्णय पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र आदिल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने अक्तूबर 2015 में आदेश जारी कर निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में शुल्क की बढ़ोतरी कर दी थी। याचिका में कहा गया है कि बढ़ा हुआ शुल्क 80 हजार से बढ़ाकर 2.15 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया था।
याचिका में कहा गया कि इसके बाद यह मामला शुल्क नियामक कमेटी के पास गया और न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अप्रैल 2019 में सरकार के आदेश को खारिज कर दिया। इसके बाद निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों की एसोसिएशन ने शुल्क नियामक अथॉरिटी में अपील की।
निजी कॉलेजों की अपील को स्वीकार करते हुए शुल्क नियामक अथॉरिटी ने शुल्क वृद्धि के निर्णय को बरक रार रखा। अथॉरिटी के इस निर्णय को निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र आदिल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसी मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अथॉरिटी के फीस वृद्धि के निर्णय पर रोक लगा दी है।