सीवाईएसएस समर्थित अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संदीप कुमार कालेज में जुलूस पर रोक लगाने समेत अन्य मांगों को लेकर 10 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठेंगे। कुमार ने आमरण अनशन से जबरन उठाने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
आत्मदाह की चेतावनी पर कालेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। कालेज प्रशासन की ओर से भोटिया पड़ाव चौकी में प्राथमिकी दर्ज करने को तहरीर दी गई है। कालेज की प्रभारी प्राचार्य ने चीफ प्राक्टर समेत अन्य लोगों को मामले से अवगत करा दिया है।
कुमार का कहना है कि एमबीपीजी कालेज में छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। उनका लक्ष्य पढ़ाई पूरी कर सरकारी या अच्छी निजी नौकरी प्राप्त करना होता है। कालेज में हो रही अराजकता, जुलूस, नारेबाजी, शोरगुल से पिछले तीन माह से पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
प्रोफेसर भी इसके चलते नहीं पढ़ा पा रहे हैं। महाविद्यालय एवं पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव के कारण छात्र नेताओं द्वारा तोड़ी जा रही लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
महाविद्यालय के पिछले गेट को खोलकर रैलियों के लिए छात्रनेताओं को अंदर आने दिया जाता है। कुमार ने कहा कि लिंगदोह कमेटी के नियमों को अगर लागू नहीं किया गया तो 10 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
कुमार ने चेतावनी दी कि आमरण अनशन से अगर जबरन उठाने का प्रयास किया गया तो आत्मदाह करेंगे। कुमार ने एमबीपीजी कालेज की प्रभारी प्राचार्य डा. पूर्णिमा भटनागर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कालेज में सीआरपीएफ या आर्मी के जवान तैनात करने की मांग की गई।
डा. भटनागर ने बताया कि भोटिया पड़ाव पुलिस को कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने लिए तहरीर दी गई है। साथ ही कालेज प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।
भोटिया पड़ाव चौकी इंचार्ज दिनेश नाथ महंत ने बताया कि कालेज की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। कुमार ने ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष को भी भेजी है।