मोतीनगर फत्ताबंगर में तीन दिवसीय तराई-भाबर महोत्सव का शनिवार को शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मेले को उत्तराखंड के सांस्कृतिक कलेंडर में शामिल किया जाएगा।
मेले में हस्तशिल्प के कई स्टाल लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी विकास की संस्कृति है। हमें इसे संजो कर रखना होगा। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प को जीवित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। आधुनिक दौर में परंपरागत हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योग धंधे विलुप्त होते जा रहे हैं।
ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार मिले। लोग हस्तशिल्प से जुडे़ं और उत्तराखंड का पुराना वैभव साकार करें। सरकार हस्त शिल्पियों, कलाकारों, धार्मिक अनुष्ठान कराने वालों को पेंशन दे रही है। परंपरागत उत्पादन मडुवा, चैलाई, झिंगौरा को भी व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है।
फल-फूल और माल्टा के विपणन की व्यवस्था भी सरकार कर रही है, ताकि काश्तकारों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल सके।
श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुग्ध व्यवसाय स्वरोजगार का सबसे बड़ा माध्यम है। नौजवान और महिलाएं डेयरी व्यवसाय को आजीविका के रूप में अपना रहे हैं। सरकार दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर चार रुपए प्रोत्साहन राशि दे रही है।
इस दौरान संसदीय सचिव सरिता आर्या, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, संजय नेगी, महोत्सव के संरक्षक एनके कपिल, संयोजक ग्राम प्रधान मोहन लोस्याली, तारा सिंह नेगी, गोपाल सिंह अधिकारी, राजेंद्र नेगी, संजय किरौला, हेेमवती नंदन दुर्गापाल, विजय सिजवाली, बीडी खोलिया, शारदा बमेठा, प्रियंका गोस्वामी समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
सीएम बोले, दुर्गापाल की नहीं मिटेगी विकास की भूख
मुख्यमंत्री हरीश रावत मेले में श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल की तारीफ करना नहीं भूले। सीएम ने कहा कि दुर्गापाल की विकास की भूख कभी खत्म नहीं होगी। दुर्गापाल ने 11 सूत्रीय मांगपत्र सीएम को सौंपा। सीएम ने कहा कि जब दुर्गापाल के क्षेत्र में आया हूं तो हां तो बोलनी ही पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने फत्ताबंगर में एक नलकूप, क्षेत्र में 14.5 किमी की चार सड़कें, राजकीय कन्या इंटर कालेज की स्थापना और पुस्तकालय खोलने की घोषणा की।