हल्द्वानी। सशस्त्र सेना वयोवृद्ध दिवस पर पूर्व सैनिकों ने कैंटीन से सामान मिलने में रही दिक्कतों और ईसीएचएस में दवा की कमी का मुद्दा उठाया। सेना के कमांडर ने पूर्व सैनिकों की परेशानी को कम करने के लिए सभी मुद्दों पर विचार करने का भरोसा दिलाया।
सेना छावनी परिसर में पूर्व सैनिकों ने सशस्त्र सेना वयोवृद्ध दिवस (आर्मी वेटरन डे) पर पूर्व सैनिकों ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्टेशन कमांडर कर्नल अभिजीत बासु, लेफ्टिनेंट कर्नल ओम प्रकाश, कर्नल टी एस बिष्ट, मेजर जनरल इंद्रजीत सिंह बोरा, पूर्व सैनिक जिला कल्याण अधिकारी आर एस धपोला, पूर्व सैनिक लीग के जिलाध्यक्ष मेजर बीएस रौतेला, कर्नल बीडी कांडपाल, कर्नल एचएस रावत मौजूद थे। पूर्व सैनिकों ने बताया कि सेना के कैंटीन में काफी संख्या भीड़ होने के कारण सामान मिलने में काफी दिक्कत पेश आती हैं। बुजुर्ग सैनिक लाइन का इंतजार करते हुए लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि संख्या बल अधिक होने के कारण परेशानी होती है। इस मामले में अलग-अलग काउंटर बनाने का लोगों ने सुझाव दिया। कुछ पूर्व सैनिकों ने बताया ईसीएचएस द्वारा दूर दराज से आए लोगों को पर्याप्त दवा उपलब्ध नहीं होती है। कैप्टन पुष्कर सिंह भंडारी ने बताया कि सेना की जमीन अभी वन विभाग के नाम पर है।
इसी कारण केंद्रीय विद्यालय के निर्माण और सेना परिसर मकान बनाने का काम अटका पड़ा है। बड़ी कैंटीन भी नहीं बनायी जा सकती है। पूर्व सैनिकों ने जमीन का मसला हल करने का अधिकारियों से अनुरोध किया। पूर्व सैनिकों ने अधिकारियों के साथ पुनर्वास और स्वरोजगार के मामले पर भी चिंतन किया। कार्यक्रम में वीरांगना उमा देवी, भावना गोस्वामी, प्रेमा डोरबी, चंद्रकला, जानकी, शांति चौधरी बच्ची देवी भी मौजूद थी।
वीर नारियां और बुजुर्ग सैन्य अधिकारी हुए सम्मानित
सेना के अधिकारियों के साथ मेजर जनरल इंद्रजीत सिंह बोरा ने आर्मी वेटरन डे पर वीर नारियों और 80 साल की उम्र पार कर चुके बुजुर्ग सैनिकों को सम्मानित किया। इस दौरान वर्तमान सैनिक अधिकारियों ने पूर्व सैनिक अधिकारियों का हाल चाल लिए। अल्प जलपान के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।