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चालखाल और जलस्रोत बचें तभी मिलेगा पानी

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ओखलकांडा में अमर उजाला की गोष्ठी में अमर उजाला के स्मृति चिन्ह के साथ अतिथि। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BHIMTAL
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पतलोट (नैनीताल)। पानी बचाने के लिए सामूहिक पहल जरूरी है। जल संकट भविष्य की चुनौती बनने जा रहा है। अभी नहीं चेते तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं। सरकार में बैठे लोगों को जिम्मेदारी तो समझनी ही होगी आम लोगों को पानी बचने की चिंता करनी चाहिए। चालखाल और प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाना होगा। तभी सार्थ परिणाम सामने आएंगे।
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यह बातें बुधवार को ओखलकांडा ब्लाक के सभागार में अमर उजाला की ओर से मिशन जल बचाओ अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कही। गोष्ठी का शुभारंभ विधायक राम सिंह कैड़ा ब्लाक प्रमुख कमलेश कैड़ा ने किया। ओखलकांडा ब्लाक के प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य सहित 200 से अधिक ग्रामीणों ने जलसंस्थान के अधिकारियों के सामने पेयजल की समस्या को प्रमुखता से रखा। जलसंस्थान के अवर सहायक अभियंता हर्षित आर्य ने समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया। बीडीओ रमेश भट्ट ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से जल संचय से संबधित प्रस्तावों को खुली बैठक के माध्यम से विकासखंड में जमा करने को कहा। संचालन एडीओ पंचायत धीरेंद्र पंत ने किया।
जनप्रतिनिधि बोले
सरकार की ओर से भीमताल झील और डैम के सौंदर्यीकरण के प्रयास चल रहे हैं। ओखलकांडा ब्लाक में पानी की समस्या को जलसंस्थान के अधिकारी हल कर हर गांव में पानी उपलब्ध कराए।
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-राम सिंह कैड़ा, विधायक
हमें जल संचय के लिए आगे आने होगा। साथ ही जलसंस्थान विभाग जल्द से जल्द समस्याओं को दूर करे जिससे कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़ा।
कमलेश कैड़ा, ब्लाक प्रमुख
ल्वाड़ क्षेत्र के लोग पानी के लिए परेशान हैं। हमारे वहां प्राथमिक और इंटर कॉलेज में पानी की समस्या होने से बच्चे परेशान है। विभाग पेयजल योजना के प्रस्ताव तैयार करे।
-प्रदीप सिंह मटियाली, ज्येष्ठ प्रमुख
ओखलकांडा के तमाम गांवों में पेयजल समस्या से लोग परेशान है। जलसंस्थान गांवों में पानी की समस्याएं दूर करे।
संजय कुमार, कनिष्ठ प्रमुख
प्रधान और बीडीसी सदस्यों की समस्याएं
-भुमका के प्रधान मुकेश चंद्र ने कहा कि भुमका वासी पेयजल की समस्या से लंबे समय से जूझ रहे हैं। अगर जलस्रोतों को बचाने और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को सही करा दे तो समस्या हल हो जाएगी।
-खनस्यू प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र भंडारी ने खनस्यू ग्रामसभा के लिए गोला नदी से पंपिंग योजना के तहत सिंचाई का प्रस्ताव रखा।
- खनस्यू बीडीसी सदस्य रवि गोस्वामी ने कहा कि रिखाकोट में पेयजल की समस्या से ग्रामीण कई किमी से पानी लाने को मजबूर हैं।
- ककोड़ के प्रधान डिकर मेवाड़ी ने कहा कि ओखलकांडा ब्लाक की 75 ग्राम पंचायतों में अधिकांश गांवों में पेजयल समस्या से जूझ रहे हैं।
झड़गांव बीडीसी सदस्य नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि झड़गांव में क्षतिग्रस्त लाइनों, जलस्त्रोतों में जलस्तर गिरने से पेयजल समस्या बढ़ गई है।
-झड़गांव तल्ला की प्रधान चंद्रा देवी ने कहा कि ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या पानी की है। महिलाओं और स्कूली बच्चों को समस्या उठानी पड़ रही है।
-साल के प्रधान राजीव कुमार का कहना था कि उनकी ग्राम पंचायत में 80 प्रतिशत लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं जिससे पलायन बढ़ने लगा है।
- क्वैराला की प्रधान धनी देवी के अनुसार उनकी ग्रामसभा में भी पानी की बेहद समस्या है। गांव में नई पेयजल लाइन, चालखाल और टैंक बनाकर पानी का संरक्षण कर समस्या हल करे।
-कालाआगर के प्रधान राम सिंह मेवाड़ी ने कहा कि पेयजल की समस्या से ग्रामीण परेशान है। हालांकि गौला से कालाआगर तक पेयजल पंपिंग योजना के लिए प्रथम स्वीकृति मिल गई।
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- डालकन्या से बीडीसी सदस्य ललित भट्ट ने कहा कि डालकन्या में चार पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है। जिससे पानी की समस्या हो रही है।
-पतलियां के प्रधान प्रताप सिंह पडियार के अनुसार ग्रामसभा में पेयजल लाइन पुरानी हो चुकी है।
प्रधान संगठन अध्यक्ष निर्मल सिंह मटियाली ने कहा कि ओखलकांडा के गांवों में पेयजल समस्या को विभाग दूर करे।
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