विदेश राज्य मंत्री जरनल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन में कुछ कमियां जरूर हैं, जिसे मोदी सरकार जल्द ही दूर करेगी। उन्होंने कहा कि सैनिक वेतन नहीं, बल्कि अपने सम्मान और देश की सुरक्षा के लिए लड़ता है।
सैनिक को मांगने के लिए सड़क पर खड़े होने की जरूरत नहीं है। सरकार को उसका हक देना ही पड़ेगा। मोदी सरकार इसके लिए संकल्पबद्ध है। जनरल वीके सिंह शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उत्तराखंड सैनिक बहुल प्रदेश है।
भाजपा ने जनरल सिंह को उत्तराखंड में बतौर स्टार प्रचारक जिम्मेदारी सौंपी है। चुनावी माहौल में पहली बार हल्द्वानी पहुंचे वीके सिंह ने कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं है। देश की सुरक्षा का दायित्व सैनिकों के कंधों पर है।
वन रैंक-वन पेंशन का मुद्दा पिछले 40 साल से लटका था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनाते ही इसे निस्तारित कर लाखों सैनिकों को उनका हक दिया। वीके सिंह ने कहा कि हवलदार और जेसीओ रैंक की पेंशन में कुछ खामियां हैं, जिनका अध्ययन कर सरकार को भेजा गया है। जल्द ही इसका निस्तारण हो जाएगा।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भाजपा पांच एजेंडे के साथ उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। सभी एक्जिट पोल के लिहाज से भाजपा पूर्ण बहुमत से आ रही है। सरकार बनते ही भ्रष्टाचार खत्म किया जाएगा।
सबका साथ-सबका विकास के नारे को साकार किया जाएगा। जनसेवक होने के नाते सरकार के कार्यों को समय-समय पर जनता के सामने रखा जाएगा। आखिरी छोर के व्यक्ति तक विकास की अवधारणा को सार्थक किया जाएगा।
विरोधियों को नीचा दिखाने के बजाए सबको साथ लेकर प्रदेश में मजबूत विकास की नींव रखी जाएगी। आम बजट का जिक्र करते उन्होंने कहा कि बजट में किसान, युवा, महिला, रोजगार का खास ध्यान रखा गया है।
समिति दे सकती है प्रत्याशी चयन का जवाब
उत्तराखंड भाजपा में विधानसभा टिकट वितरण में परिवारवाद हावी होने के सवाल पर जनरल वीके सिंह किनारा कर गए। उन्होंने कहा कि इसका जवाब केंद्रीय चुनाव समिति के लोग ही दे सकते हैं।
कहा कि समिति जब टिकट देती है तो प्रत्याशी की जवाबदेही भी तय करती है। हल्द्वानी से मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला को उनकी छवि के आधार पर टिकट मिला है। दावा किया कि डॉ. रौतेला रिकार्ड मतों से जीत रहे हैं।
सीमा पर हर इंच जमीन पर खड़ा नहीं हो सकता है जवान
चुनावी माहौल में सुरक्षा की दृष्टि से भारत-नेपाल सीमा सील किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि किसी भी देश की सीमा सील नहीं हो सकती है। सीमा पर हर इंच जमीन पर सैनिक खड़ा करना संभव नहीं है।
नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक, पारिवारिक, धार्मिक और व्यापारिक संबंध हैं। बॉर्डर पर सख्ती हुई है। चोर रास्तों की निगरानी बढ़ाई गई है।