उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में मिले सरकारी आवास का वह भुगतान नहीं करेंगे, चाहे उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े।
कहा कि सरकार के आदेश से ही वह सरकारी आवास में रहे और सरकार के आदेश के बाद उन्होंने आवास को खाली भी कर दिया है।
कोश्यारी बुधवार को नैनीताल में छावनी परिषद की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों की ओर से सरकारी आवास का 1.76 लाख रुपए जमा करने के सवाल पर उन्होंने दो-टूक कहा कि वह सरकारी आदेश के बाद ही सरकारी आवास में रहे।
इसलिए वह किसी भी हालत में यह किराया जमा नहीं करेंगे। इस जुर्म में उन्हें जेल जाना पड़ता है तो वह जेल जाने को भी तैयार हैं। इस बारे में उन्होंने वकीलों द्वारा अदालत में सही पैरवी न करने पर भी सवाल उठाएं।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में भाजपा के चेहरे के सवाल पर कोश्यारी ने कहा कि इस चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी ही पार्टी का चेहरा होंगे। उन्होंने नोटबंदी को केंद्र सरकार की सराहनीय पहल करार दिया।
उन्होंने इस बारे में पीएम के उस आदेश की भी सराहना की, जिसमें उनकी ओर से भाजपा सांसदों और विधायकों से 31 दिसंबर तक उनके बैंक खातों का हिसाब देने की बात कही गई है।
कोश्यारी ने वर्तमान में पार्टी की चल रही परिवर्तन यात्रा को सफल बताते हुए कहा कि जिस तरह से यात्रा में लोगों की भीड़ दिख रही है, उससे जाहिर है कि जनता कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों से त्रस्त हो चुकी है।
वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज साह, जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल सिंह रावत, मनोज जोशी, किशन पांडे आदि थे।