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पहाड़ के विकास के लिए यूकेडी जरूरी

Sun, 03 Jan 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
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उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी व वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी के नेतृत्व में रविवार को नैनीताल क्लब में कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। पूरे चार घंटे तक चले सम्मेलन में दोनों नेता कार्यकर्ताओं में जोर भर गए। उन्होंने कहा कि पहाड़ के विकास के लिए यूकेडी का होना बहुत जरूरी है।
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 उत्तराखंड राज्य निर्माण का पूरा श्रेय भी उक्रांद को जाता है। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य बने 15 साल हो गए हों लेकिन सत्तासीन दोनों सरकारों से देवभूमि उत्तराखंड की जनभावनाओं के अनुरूप कोई कार्य नहीं किया।

नेताओं ने कार्यकर्ताओं से विधानसभा वार सम्मेलन आयोजित करने, विधानसभा वार समस्याओं का ब्लू प्रिंट तैयार करने, राज्य की मूल अवधारणा को साकार होने से संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
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उन्होंने राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण के मुद्दे को लेकर भाजपा व कांग्रेस की ओर से की जा रही नौटंकी पर रोष जताया। उन्होंने परिसंपत्तियों का बंटवारा न होने से राज्य को हो रहे नुकसान, बढ़ती जा रही बेरोजगारी व पलायन पर चिंता जताई।

दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं से 2017 में होने वाले विस चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती के लिए प्रवासी उत्तराखंडियों की मदद ली जाएगी।

 पूर्व अध्यक्ष डा. नारायण सिंह जंतवाल ने 15 वर्षों के बाद भी राज्य की अवधारणा साकार न होने के लिए कांग्रेस व भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व नगर अध्यक्ष नवीन चंद्र साह की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन अनुपम उपाध्याय ने किया।

बैठक में पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, वरिष्ठ नेता डा.सुरेश डालाकोटी, प्रकाश पांडे, डा.भूपेंद्र सत्यपाल, अंबा दत बवाडी,डा.महेंद्र राणा, नरेंद्र सिंह रजवार, कुलदीप सिंह, कमलेश पांडे, नगर अध्यक्ष मनोज साह, हरीश बिष्ट, पान सिंह सिजवाली, खीमराज सिंह बिष्ट, नीरज डालाकोटी, सुंदर नेगी, बिशन सिंह मेहता, लक्ष्मी नारायण लोहनी, चेत सिंह बिष्ट, डा.एनके भटनागर,केएन जोशी, अथर हुसैन, पूरन भट्ट, डीएस सूर्या समेत दर्जनों कार्यकर्ता थे।

उक्रांद के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि पवार गुट जानबूझकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि गुट को अगले डेढ़ माह में चुनाव आयोग से सेंसरशिप लग जाएगी उसके बाद वह लोग उक्रांद शब्द का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
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