नगर निगम के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार शनिवार को 10वें दिन खत्म हो गई। हड़ताल टूटने से पहले पूरे दिन निगम कार्यालय में हाई वोल्टेज ड्रामा चला। समझौता बिंदुओं को लेकर कर्मचारियों में दो फाड़ की स्थिति हो गई। दो दौर की वार्ता के बाद बमुश्किल छह बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद हड़ताल स्थगित करने की घोषणा हुई।
नगर निगम कार्यालय राजनीति का अखाड़ा बना है। बोर्ड जनप्रतिनिधि और निगम प्रशासन के अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं होने का खामियाजा आम जनता को भुगतान पड़ रहा है। कर्मचारियों का करीब 13 करोड़ रुपए का बकाया है। कर्मचारी 14 सूत्रीय मांगों के समर्थन में 26 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इसमें सफाई कर्मचारी, निगम के फील्ड और दफ्तर में काम करने वाले सभी कर्मचारी शामिल थे। कर्मचारियों की हड़ताल से तहबाजारी वसूली बंद हो गई। निगम में कामकाज भी ठप हो गया।
सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर कूड़ाघर में बदल गया। इसी बीच हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम प्रशासन से तत्काल हड़ताल को खत्म करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर निगम प्रशासन ने हड़ताल कर्मियों की सूची तैयार कर उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। शनिवार को निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधि और कर्मचारी संगठनों के नेताओं के बीच समझौता वार्ता हुई। सभी कर्मचारी सुबह 11 बजे से निगम दफ्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों ने सफाई कार्य में लगने वाली गाड़ियों को निगम दफ्तर परिसर में खड़ा कर दिया। दो दौर की वार्ताओं के बाद आखिरकार समझौता हो सका।
हल्द्वानी और काठगोदाम क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 90 टन कूड़ा निकलता है। दस दिन की हड़ताल से शहर कूड़े से पटा है। रविवार को छुट्टी के बावजूद शहर की सफाई होगी। करीब 900 टन कूड़ा उठाने के लिए प्राइवेट डंपर और जेसीबी को किराए पर लिया जाएगा। - आरडी पालीवाल, एमएनए
जनहित को देखते हुए हड़ताल खत्म हो गई। कर्मचारियों की हड़ताल जायज थी। शासन को कर्मचारियों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द करना चाहिए। निगम की आय बढ़ाने के लिए टैक्स असेसमेंट किया जा रहा है। इससे निगम की आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी। - डा. जोगेंद्र रौतेला, मेयर
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समझौता वार्ता के बिंदु
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संविदा कर्मियों की नियमितीकरण के लिए गठित चयन समिति 45 दिन में नियमितीकरण की कार्रवाई पूर्ण करेगी।
दो माह में पीएफ जमा किया जाएगा, यदि पीएफ की बकाया राशि जमा नहीं हो पाती है तो वह ब्याज के साथ दी जाएगी।
निगम में किसी भी कर्मी के घर पर शादी होने पर उसका रुका वेतन आहरण किया जाएगा।
शासन से डेढ़ करोड़ की राशि एवं आकस्मिक निधि का दो करोड़ प्राप्त होते ही उसका भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारियों को हर महीने वेतन जारी करने के प्रयास किए जाएंगे। प्रत्येक कर्मी को ढाई हजार का अग्रिम भुगतान किया जाएगा।
मेडिकल की राशि के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। धन उपलब्ध होने पर दो कर्मचारियों का मेडिकल क्लेम का भुगतान मार्च में किया जाएगा।
समझौता वार्ता में प्रतिनिधि
मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला, मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल, एसडीएम पंकज उपाध्याय, उप नगर अधिकारी नीरज जोशी, कर अधीक्षक बृजेंद्र चौहान, लेखाकार राजीव जोशी, उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार राजौर, नगर निकाय कर्मचारी संघ के देवेंद्र लाल साह, नरेंद्र परमार, उत्तरांचल स्वच्छकार संघ के अध्यक्ष राहत मसी, स्वच्छकार संघ के अशोक राज, दिनेश मंडल।