रामनगर (नैनीताल)। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीपी के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले की सुनवाई के बाद आरोपी महिला सहित सभी आठ लोगों को संदेह के आधार पर दोषमुक्त करार दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी।
आरोपियों के अधिवक्ता निशारुद्दीन, संतोष देवरानी और बृजेश शुक्ला ने बताया कि पर्वतीय प्लाइवुड कारखाने के मैनेजर हिमांशु शेखर कुमार ने 23 मार्च 2014 को कोतवाली में तहरीर में दी थी। बताया कि 22 मार्च 2014 को कार सवार रमेश जोशी, बॉबी कुमार, विकास कुमार, अशोक कुमार, कावेरी सिंह, पवनजीत सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, पवन कुमार बाटला, श्रवण कुमार, पंकज कुमार उसके कारखाने में घुस आए। उसके बाद बदमाश प्रकाश पांडे उर्फ पीपी के नाम पर एक पार्टी के लिए चंदा मांगने लगे।
पुलिस ने सभी आरोपियों पर धारा 384, 452, 171 के तहत मुकदमा दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में दोनों पक्षों ने अपने अपने पक्ष में दलीलें पेश की। अदालत को पुलिस की ओर से न्यायालय में पेश किए गवाहों के बयानों और आरोप पत्र में दर्ज बयानों में अंतर दिखायी दिया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद संदेश का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। बता दें कि सुनवाई के दौरान एक आरोपी अशोक कुमार की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी अशोक कुमार ने पुलिस का प्रस्तुत किया।