जागेश्वर (अल्मोड़ा)। वृद्ध जागेश्वर से कोटेश्वर तक आठ किमी सड़क का कटान तो हुआ लेकिन बीते 10 वर्षों से सड़क पर न तो डामरीकरण हुआ और ना ही पैरापिट सहित अन्य कार्य हुए हैं। ऐसे में पर्यटक और श्रद्धालु खतरे के बीच सफर करने के लिए मजबूर हैं। इससे लोगों में अब आक्रोश बढ़ने लगा है।
पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण वृद्ध जागेश्वर से कोटेश्वर तक नाबार्ड की ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि के तहत आठ किमी सड़क को स्वीकृति मिली थी। योजना की कुल लागत 475.53 लाख रुपये निर्धारित की गई। इसमें से 373.85 लाख रुपये अनुदान के रूप में स्वीकृत हुए। लोनिवि निर्माण खंड को मार्च 2022 तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करना था लेकिन वर्ष 2016 में शुरू हुई इस सड़क का आज तक डामरीकरण नहीं हो सका है।
आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि डामरीकरण न होने से बारिश के दौरान सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। ऐसे में लोगों को आवाजाही के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने जल्द सड़क का कार्य पूरा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।