पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश बुधवार को ईद-मिलादुन्नबी के तौर पर अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जाएगी। इस मौके पर नूरानी माहौल में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। जुलूस का आगाज सुबह साढ़े आठ बजे लाइन नंबर 17 स्थित मुजाहिद चौक से होगा।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर शहर की मस्जिदों, इबादतगाहों और मुस्लिम बहुल इलाकों में विशेष सजावट की गई। घरों, गलियों और मोहल्लों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। कई स्थानों पर आकर्षक रोशनी की गई है जिससे पूरा माहौल रौशन नजर आया। मस्जिदों में भी खास मजलिसें आयोजित कर पैगंबर साहब की सीरत और उनकी शिक्षाओं पर तकरीरें की गईं।
जुलूस को लेकर प्रशासन भी सक्रिय रहा। मंगलवार देर शाम तक जुलूस के प्रस्तावित रूट का निरीक्षण कर रास्ते में किए गए अतिक्रमण हटाए गए। सड़कों के गड्ढों भरने का काम भी कराया गया, ताकि जुलूस के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। मुस्लिम एक्शन कमेटी के कनवीनर हाजी इंतजार हुसैन ने लोगों से अनुशासन बनाए रखने और आपसी भाईचारे के साथ शामिल होने की अपील की है।
उलमा की अपील
जामा मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद आजम कादरी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का पैगाम मोहब्बत, इंसानियत, अमन और आपसी भाईचारे का है। जुलूस में अदब के साथ शामिल हों। किसी तरह की नारेबाजी या गतिविधि से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसका ध्यान रखा जाए। लंगर तकसीम करते वक्त पूरा एहतराम रखें। जुलूस के बाद साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखें।