हल्द्वानी गौला नदी इन दिनों अपने राैद्र रूप में नजर आ रही है। मंगलवार की तरह बुधवार को भी लहरों के तेज थपेड़े नदी के किनारों को काटते हुए नजर आए। हालात ऐसे हैं कि नदी का बहाव 64 हजार क्यूसेक के पार पहुंच चुका है। इसके चलते पानी के साथ आ रही सिल्ट की वजह से फिल्टर प्लांट बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से नदी के किनारे बसी डेढ़ लाख से अधिक की आबादी को पिछले 36 घंटे से पेयजल की आपूर्ति नहीं हुई है। हालांकि टैंकरों के जरिये इन घरों को पानी पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है नदी के बहाव की रफ्तार इसी तरह रही तो आने वाले दिनों में गाैला पुल को भी खतरा हो सकता है।
गौला में बढ़े जलस्तर के साथ सिल्ट की मात्रा इतनी बढ़ गई कि फिल्टर प्लांट में पानी का शोधन करना मुश्किल हो गया। एहतियातन प्लांट बंद कर दिया गया है। इसके चलते पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से शहर में लगातार दूसरे दिन लोगों को नलों से पानी नहीं मिला। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को उठानी पड़ रही है, जिनके पास पानी जमा करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पेयजल के लिए लोग टैंकरों का इंतजार कर रहे हैं। कई इलाकों में टैंकर पहुंचते ही लोग बाल्टी, डिब्बे और दूसरे बर्तन लेकर पानी भरने पहुंच रहे हैं। सहायक अभियंता रवींद्र कुमार ने बताया कि गौला से पानी नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार से अतिरिक्त टैंकर लगाए जाएंगे। फिलहाल जल संस्थान की ओर से बुधवार को पॉलीशीट, बसंत विहार मुखानी, काठगोदाम, ब्लॉक क्षेत्र में टैंकरों से पानी बांटा।
जलस्तर कम होने का इंतजार
गौला नदी में समाई वन भूमि, पेड़ गिरे
गौलापार में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के पास नवनिर्मित काउंटर फोर्ट वॉल से करीब 50 मीटर दूर गौला नदी ने कटान शुरू कर दिया है। दो दिन बारिश के बाद से नदी के तेज बहाव से कटाव हुआ है। इससे नदी किनारे वन भूमि पर खड़े 10 से 12 पेड़ गिर गये हैं। वन विभाग के गोला रेंज की आरक्षित भूमि कटाव के बाद नदी में समा गयी है। गौला पुल के नीचे बने चेकडेम का एक हिस्सा भी कटाव से प्रभावित हो रहा है। पूर्व में चेकडेम का यह हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि बुधवार को दोपहर बाद बारिश रुकने पर नदी में पानी कम हो गया।
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नदियों में चेतावनी और खतरे का स्तर
नदी/बैराज चेतावनी स्तर खतरे का स्तर
गौला बैराज 27,576 क्यूसेक 41,364 क्यूसेक
कोसी बैराज 51,786 क्यूसेक 76,908 क्यूसेक
नंधौर नदी 10,000 क्यूसेक 35,075 क्यूसेक
गौला बैराज की सुरक्षा से खिलवाड़, कैसे रुकेगा पानी का सैलाब
पहाड़ों के पानी के सैलाब का दबाव झेल रहे काठगोदाम के गौला बैराज की सुरक्षा पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। रिपयेरिंग जैसे कार्याें के लिए भेजे गए 4.95 करोड़ का प्रस्ताव लटका पड़ा है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। 10 हजार क्यूसेक से अधिक पानी होने पर जल संस्थान की सप्लाई ठप हो जाती है।
वर्ष 1980 में बने गौला बैराज के गेटों को मरम्मत और पेंटिंग की जरूरत है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में ब्लॉक मरम्मत का कार्य किया जाना है। पेयजल के लिए वैकल्पिक गेट की रिपेयरिंग भी की जानी है। इसकी डीपीआर मुख्यालय को भेजी गई थी। एक साल बाद भी कोई सुनवाई न हुई तो पुन: प्रस्ताव भेजा गया है। जानकारी के अनुसार विभाग की रुड़की से मेकेनिकल टीम ने भी बैराज का दौरा कर इन कार्याें की जरूरत बताई थी।
बैराज में कार्याें संबंधी प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होते ही काम शुरू कराया जाएगा। - दिनेश रावत, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
400 मीटर तक चौड़ी है गौला नदी
हल्द्वानी गौला नदी की काठगोदाम से लेकर लालकुआं तक चौड़ाई 300 मीटर से 400 मीटर तक है। हल्द्वानी में चोरगलिया रोड क्षेत्र में गौला पुल के आसपास नदी से जहां कटाव हो रहा है वहां भी नदी 300 से 350 मीटर चौड़ी है।
गौला नदी का जलस्तर हुआ कम, 15 हजार क्यूसेक पहुंचा
गौला का जलस्तर शाम देर रात तक 15 हजार क्यूसेक था। खनस्यूं क्षेत्र में मंगलवार की सुबह तक 92.5 एमएम हुई बारिश के बाद करीब 11 बजे गौला बैराज से सभी छह गेट खोलकर पानी छोड़ दिया गया। दोपहर में जलस्तर 35 हजार क्यूसेक पार कर गया। बारिश जारी रही और शाम तक यह 62041 क्यूसेक पहुंच गया जो इस सीजन की बरसात का सबसे अधिक रहा। बुधवार को सुबह 20 से 25 हजार पानी पहुंचा और शाम तक यह 17 हजार क्यूसेक रिकार्ड किया गया। बताया गया कि खनस्यूं क्षेत्र से बारिश का पानी गौला नदी में पहुंचता है।