फल अनुसंधान, बागवानी और खेती के लिए अनुदान पर लिए गए नलकूप का व्यावसायिक उपयोग किए जाने पर मिनरल वाटर प्लांट और पंप को सीज कर दिया गया है। मामले में फल अनुसंधान केंद्र खए अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।
एसडीएम पंकज उपाध्याय एवं जल संस्थान की संयुक्त टीम ने मोटाहल्दू के बच्चीपुर गांव में औचक छापामारी की। इस दौरान वहां फल अनुसंधान केंद्र से सब्सिडी लेकर खेती किए जाने के लिए लगाए गए मिनी नलकूप के पानी का खेती के बजाए कामर्शियल उपयोग किए जाने का मामला सामने आया। नलकूप के पास मिनरल वाटर प्लांट लगाया गया है। वहां गैलनों में पानी भरकर उसकी बाटलिंग की जा रही थी। एक लाख तीन हजार रुपये लागत से स्थापित नलकूप को उद्यान विभाग से सब्सिडी दी गई थी। नलकूप स्वामी नानक चंद्र अग्रवाल द्वारा खेत तो बंजर रखे गए हैं मगर इस नलकूप के पानी का प्रयोग सिंचाई के बजाए व्यावसायिक रूप में किया जा रहा है।
दो वर्ष पूर्व जयपुरखीमा की ग्राम प्रधान रचना पंत द्वारा इस मामले में लिखित एवं मौखिक शिकायत उद्यान विभाग से की गई, मगर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। भीषण गर्मी में जल स्तर घटने से पानी को लेकर हाहाकार मचा है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम पंकज उपाध्याय ने जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता एवं अवर अभियाता एवं जूनियर फीडर व अन्य कर्मचारियों के साथ बच्चीपुर गांव पहुंच कर नानक चंद्र के मिनरल चियरअप वाटर प्लांट को सीज कर दिया। इस मिनी नलकूप का केवल प्रयोग फल एवं सब्जी उत्पादन में किया जाना था। नानक चंद्र ने चालाकी दिखाकर इसका प्रयोग खेती के बजाए इसका प्रयोग व्यावसायिक रूप में किया जा रहा था।
जांच के दौरान तमाम खामियां नजर आई और प्लांट प्रबंधक द्वारा सीधे नलकूप से पानी को कोल्ड कर सीधे बाजार में बिक्री के लिए गैलनों में भरा जा रहा था। मौके पर वहां कार्य करने वाले मजदूरों द्वारा कपडे़ भी धोने का मामला प्रकाश में आया है। पानी को टैंक से सीधे एक कपडे़ से फिल्टर किया जा रहा है और उसे सीधे बाजार में बेचा जा रहा है। इस दौरान टीम ने प्लांट से पानी के सैंपल लेकर जल संस्थान के लैब भेजा है। जांच रिपोर्ट आने तक चियरअप वाटर के प्लांट को सीज करते हुए उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। इस मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी नैनीताल को भेजी दी गई है। इस दौरान टीम में ईई लालकुआं विनोद कुमार श्रीवास्तव, जेई डीसी बेलवाल, पूर्व ग्राम प्रधान चंद्र शेखर आदि थे।
प्रथम दृष्टया जानकारी मिली है कि नानक चंद्र अग्रवाल ने फल अनुसंधान केंद्र से प्रधान की संस्तुति लेकर अपने खेत हेतु कृषि कार्य को सिंचाई के लिए नलकूप की स्वीकृति लेकर एक सवा इंच का मिनी नलकूप स्थापित किया। खेत स्वामी ने इसे अपने फायदे के लिए इसका प्रयोग मिनरल वाटर प्लांट लगाकर व्यावसायिक रूप में किया जा रहा है। पानी की गुणवत्ता भी ख्राब मिली है। सैंपल लिया गया है। कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज उपाध्याय उपजिलाधिकारी हल्द्वानी
चियरअप कंपनी स्वामी उदित अग्रवाल ने सिंचाई एवं खेती वाले नलकूप के पानी का व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा है। जो अवैध है। नलकूप एवं प्लांट को सीज कर दिया गया है।
-विनोद कुमार श्रीवास्तव अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
फल अनुसंधान केंद्र प्रभारी को यहां छूट पर मिले नलकूप का व्यावसायिक उपयोग किए जाने की कई बार शिकायत की गई लेकिन विभाग ने कभी कार्रवाई नहीं की।
-रचना पंत ग्राम प्रधान जयपुर खीमा
फल अनुसंधान केंद्र से खेती कार्य के लिए सिंचाई नलकूप की स्वीकृति लेकर नलकूप स्थापित किया गया था। नलकूप पहले ही स्थापित हो गया था। मिनरल वाटर प्लांट को बाद में स्थापित किया गया है। फल अनुसंधान केंद्र को नलकूप व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तन किए जाने के लिए स्वीकृति पत्र दिया गया है। जो अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है।
- उदित अग्रवाल, मिनरल वाटर प्लांट प्रबंधक
नानक चंद्र को फल उद्यान विभाग से सब्जी उत्पादन के लिए मिनी नलकूप सरकार से छूट पर दिया गया। उसके द्वारा इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
- पूरन चंद्र कांडपाल सहायक विकास अधिकारी उद्यान विभाग हल्द्वानी