शहर में डायरिया तेजी से फैल रहा है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में डायरिया मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। जिलाधिकारी दीपक रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बनभूलपुरा क्षेत्र में छापामारी की। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एलएम उप्रेती और नगर निगम के अधिकारियों ने बनभूलपुरा के आजाद नगर और इंद्रानगर क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था देखी। खाद्य पदार्थों की जांच भी की।
सीएमओ डा. उप्रेती के नेतृत्व में टीम बनभूलपुरा क्षेत्र पहुंची। जांच में कई भोजनालय बगैर लाइसेंस मिले। सीएमओ ने कहा भोजनालय संचालक दो दिन के भीतर खाद्य सुरक्षा अधिकारी से लाइसेंस बनवाएं। बनभूलपुरा में दो मीट विक्रेताओं का लाइसेंस जब्त कर नोटिस जारी किया। गन्ने और फलों के रस में खुली बर्फ मिलाए जाने पर भी सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा खुली बर्फ केवल रसों को ठंडा करने के लिए होती है न कि पीने वाले रस में डालने के लिए। टीम ने काफी मात्रा में बर्फ मौके पर ही नष्ट कराई।
बनभूलपुरा क्षेत्र में अधिकांश नालियां प्लास्टिक, पालीथिन और थर्माकोल से पटी मिलीं। जिनमें मक्खियां भिनभिना रही थीं और दुर्गंध आ रही थी। मक्खी, मच्छर पनपने से मलेरिया और डायरिया के साथ संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी है। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डा. तुहिन कुमार से तत्काल बंद नालियों और नालों की सफाई करवाई।
बेस पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
बेस और प्राइवेट अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बसंत कुमार ने आईडीएसपी टीम के साथ बेस चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से पूछताछ की और चिकित्सकों को अस्पताल से ही दवा मुहैया कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा दस्त के रोगियों के नमूने, बैक्टीरियों लाजिक्ल जांच के लिए सुशीला तिवारी भेजे जाएंगे।
कोट
>> गर्मी में फड़ एवं ठेलियों में खुले में रखे कटे हुए फल और बासी भोजन न करें। गन्ने का जूस पीने में सबसे अधिक सावधानी बरतें। अक्सर गन्ने के जूस की ठेलियों के आसपास मक्खियां भिनभिनाती हैं। गन्ने के रस में धुली बर्फ डाली जाती है, जो खतरनाक है। मक्खी और मच्छर से बचाव करें। पानी उबालकर ही पीएं और हल्का भोजन करें।
- डा. एलएम उप्रेती, सीएमओ