हत्याकांड में जान गंवाने वाली सास और बहू।
नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने लगभग सात साल पहले हल्द्वानी के डहरिया क्षेत्र में रिटायर्ड कर्नल की मां और पत्नी की हत्या के मामले में दो आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को तीन तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
हल्द्वानी के सत्यलोक-5 डहरिया निवासी कर्नल डीके शाह ने 23 फरवरी 2017 को हल्द्वानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 21 फरवरी को घरेलू कार्य से हरिद्वार गए थे। घर में उनकी पत्नी प्रेरणा शाह एवं बुजुर्ग मां शांति देवी मौजूद थीं।
21 फरवरी की रात दस बजे उन्होंने अपनी पत्नी से फोन पर बात की। अगले दिन उन्हें ऋषिकेश में पता चला कि रात में बदमाशों ने उनके घर में मां और पत्नी की हत्या कर दी है। मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में कारपेंटर अख्तर अली पुत्र मिर्जा निवासी हरोड़ थाना आजिम नगर रामपुर, हाल निवासी गोल गेट, श्मशान घाट के पास रामपुर रोड, हल्द्वानी और कर्नल के बटमैन महेंद्र नाथ गोस्वामी पुत्र स्व. शिवनाथ गोस्वामी निवासी गैस गोदाम रोड, छड़ायल कृष्णा विहार हल्द्वानी को गिरफ्तार कर लिया।
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पिछले दिनों जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत में दोष साबित करने को लेकर हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने 18 गवाह पेश किए। शर्मा ने न्यायालय में घटना से पूर्व और बाद दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व लोकेशन भी साबित की। आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर के आधार पर अभियोजन की ओर से यह भी सिद्ध किया कि गया कि दोनों आरोपियों ने घटना से पूर्व व घटना के बाद आपस में कई बार बातचीत की और दोनों की लोकेशन घटनास्थल पर पाई गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता सिंह ने हत्या के दोषी अख्तर अली और महेंद्र नाथ गोस्वामी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास, धारा-394,120 बी के तहत सात वर्ष का कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 411 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय से सजा सुनाने के बाद जमानत पर चल रहे दोनों दोषियों को जेल भेज दिया है।