डाक्टरों की कमी से जूझ रहे श्रीनगर मेडिकल कालेज और हल्द्वानी मेडिकल कालेज के लिए मंगलवार को मेडिकल कालेज में डाक्टरों का साक्षात्कार हुआ। श्रीनगर मेडिकल कालेज को छह डाक्टर मिले जबकि हल्द्वानी के लिए किसी का भी चयन नहीं हुआ।
श्रीनगर मेडिकल कालेज में 25 डाक्टरों की आवश्यकता थी। 08 प्रोफेसर, 06 एसोसिएट प्रोफेसर, 11 असिस्टेंट प्रोफेसर की आवश्यकता थी। जबकि हल्द्वानी मेडिकल कालेज में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और तीन असिस्टेंट प्रोफेसर की आवश्यकता थी।
तीन सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को नियुक्ति के लिए डाक्टरों के साक्षात्कार लिए। साक्षात्कार सुबह 11 से शाम 5 बजे तक चला। श्रीनगर मेडिकल कालेज के लिए छह डाक्टरों का चयन हुआ। जबकि हल्द्वानी मेडिकल कालेज के लिए एक भी डाक्टर का चयन नहीं हो सका।
कमेटी के चेयरमैन डा. सीएमएस रावत ने बताया कि मेडिकल कालेज हल्द्वानी के लिए पांच पद आरक्षित श्रेणी के थे। कमेटी में सदस्य सचिव डा. अमित शुक्ला और श्रीनगर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आईएस योग थे। डा. रावत ने बताया कि दो माह बाद नियुक्ति के लिए डाक्टरों के पुन: साक्षात्कार किए जाएंगे।