हल्द्वानी। निजी विद्यालय संचालकों की ओर से शैक्षिक सत्र 2019-20 की गृह परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए मांगी गई समयावधि के संदर्भ में शिक्षा सचिव ने साफ कर दिया है कि कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को पूर्व मूल्यांकन के आधार पर प्रोन्नत और उत्तीर्ण किया जाएगा। उनकी गृह परीक्षाएं नहीं होंगी। 9 वीं और 11 वीं कक्षा के विद्यार्थियों की गृह परीक्षाओं की अनुमति दी जाती है।
निजी विद्यालय संचालकों की ओर से कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से बंद चल रहे विद्यालयों में गृह परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए समयावधि देने की मांग शासन से की गई थी। इसके प्रत्युत्तर में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने निदेशक माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा को भेजे आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण विश्वभर में आपदा के रूप में लिया गया है।
इसकी रोकथाम के साथ ही छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के निमित्त इन दिशा निर्देशों का पालन आवश्यक रूप से किया जाए। पत्र में कहा गया है कि कतिपय निजी विद्यालयों में अध्यापकों को उपस्थित होने को कहा जा रहा है, जो उचित नहीं है। केवल परीक्षा ड्यूटी वाले अध्यापक ही स्कूल में उपस्थित रहें।
जो स्कूल बोर्डिंग हैं वह पूर्व की तरह संचालित किए जा सकते हैं लेकिन उनमें बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कोई कर्मचारी बाहर जाते हैं तो उसे सैनिटाइजर से हाथ धोने के बाद ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। बोर्डिंग स्कूल के छात्र-छात्राओं को विदेश भ्रमण नहीं कराया जाएगा। कोई ऐसे स्कूल जो आवासीय के साथ डे स्कूल भी हैं वे अन्य स्कूलों की तरह की बंद रहेंगे।