जिलाधिकारी दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों की सूचनाएं संबंधित ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य को देना सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्यों की मॉनीटरिंग की जा सके।
मनरेगा के भुगतान में हीलाहवाली की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने आउट सोर्सिंग पर रखे गए अवर अभियंता गौरव तिवारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म करने के भी निर्देश दिए।
शुक्रवार को ओखलकांडा में क्षेत्र ब्लाक प्रमुख आनंद आर्या की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि दैवीय आपदा में ध्वस्त विभागीय परिसंपत्तियों के फोटोग्राफ के साथ प्रस्ताव शीघ्र भेजे, ताकि आपदा मद से धनराशि उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को ओखलकांडा क्षेत्र में शिविर लगाकर विद्युत बिल जमा करने के निर्देश दिए। डीएम ने 11 जनवरी को बेतालघाट में लगने वाले जनकल्याणकारी शिविर के बारे में भी बताया।
बैठक में गुनियालेख के प्रधान ने गुनियालेख और ज्यूडीगाड़ व बबियाड़ से दुम्का तक भी नई पेयजल लाइन लगाने की मांग की। धारी कुलौरी पंपिंग योजना से पेयजल आपूर्ति न होने का मामला भी बैठक में उठा।
जनप्रतिनिधियों ने अघोडा में इंदिरा आवास योजना में देरी होने, स्कूल भवन के ध्वस्त होने और शिक्षकों की कमी के बारे में भी डीएम को बताया। बैठक में शिक्षा, पेयजल, विद्युत, सडक, सिचाई, लघु सिंचाई और खाद्यान वितरण आदि की समस्याएं प्रमुखता से उठाई।
पंतोली पेयजल योजना, बजिला, कुलीगधेरा, निडार, भूम्का, डालकन्या, हरीशताल पेयजल योजनाओं की मरम्मत की मांग की गई। लोनिवि के अधिकारी ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि चमोली-इलाइजर सड़क का सर्वे कराकर प्रस्ताव भेजा है।
क्षेत्र पंचायत बैठक में कनिष्ठ प्रमुख डीकर सिंह मेवाड़ी, एसडीएम राकेश तिवारी, डीडीओ एएस गुंज्याल, समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला, अपर मुख्य अधिकारी हिमाली जोशी, ईई जलसंस्थान जगदीश चैधरी, जलनिगम से केपी सिंह, आरईएस से इंद्र लाल आर्य, मुख्य पशु चिकित्सक डा. पीसी कांडपाल, बीडीओ राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रधान हरि सिंह, मोहन सिंह, आलम सिंह, बीना आर्य, मंजू रूवाली, आलम सिंह आदि मौजूद थे।