रामपुर रोड स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल से कालाढूंगी रोड को जोड़ने वाली आईटीआई की सड़क में इन दिनों रोजाना जाम लग रहा है। जाम की वजह कैंसर अस्पताल के आगे की टूटी पुलिया है। नहर कवरिंग के लिए पिछले 15 दिनों से पुलिया को तोड़ा गया है। पुलिया नहीं बनने से रोजाना सुबह से रात तक वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ रहा है। आसपास के दुकानदारों और मेडिकल स्टोर वालों का धंधा चौपट हो गया है। कारोबारियों ने डीएम दीपक रावत से पुलिया का जल्द से जल्द निर्माण करवाने की गुहार लगाई है।
मुखानी चौराहा से पुरानी आईटीआई को जोड़ने वाली सड़क कालाढूंगी रोड और रामपुर रोड के वाहनों के आवागमन के लिए बाईपास का काम करती है। नहर कवरिंग के बाद ही यह सड़क चौड़ी हुई है। अब हीरानगर से सुशीला तिवारी अस्पताल वाली नहर को भी कवर किया जा रहा है। नहर की मरम्मत के बाद कवरिंग का काम कैंसर अस्पताल तक हो चुका है। कैंसर अस्पताल के आगे की पुलिया को नए सिरे से बनाने के लिए तोड़ा गया है। टूटी पुलिया को 15 दिन हो गए हैं। निर्माण कार्य कछुआ चाल से होने के कारण आईटीआई सड़क पर जाम से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक धंधा चौपट हो गया। जाम लगने से कोई भी ग्राहक नहीं रुक रहा है। लोनिवि अधिकारियों के मुताबिक पुलिया को तोड़कर नए सिरे से मजबूत और चौड़ा बनाया जा रहा है, लिहाजा निर्माण में वक्त लगेगा।
लीकेज से रौखड़ बन गई सड़क
बरेली रोड करीब तीन महीने पहले ही हाटमिक्स हुई है। जलसंस्थान के पाइप लाइन के लीकेज से धानमिल और गोल्डन फर्नीचर के आगे की सड़क पूरी तरह उधड़ चुकी है। करीब 50 मीटर की सड़क गौला के रौखड़ से बदतर हो गई है। गड्ढों और रोड़ी में रपटने से बचने के लिए वाहन फुटपाथ पर चल रहे हैं। सड़क के नीचे की पेयजल लाइन ऊपर दिखने लगी है।
डीएम की फटकार से हरकत में जलसंस्थान
जलसंस्थान सड़कों पर लीकेज ढूंढने में आनाकानी कर रहा था। लीकेज से शहर की सड़कें टूटकर जर्जर हो गई हैं। डीएम दीपक रावत ने सड़कों का निरीक्षण कर 48 घंटे में लीकेज बंद करने के निर्देश दिए थे। डीएम की फटकार के बाद जलसंस्थान हरकत में आया है और लीकेज ढूंढकर उन्हें बंद कर रहा है।