रामनगर (ब्यूरो)। यहां भी संवेदनहीनता और लापरवाही का मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स ने सोमवार तड़के अस्पताल पहुंची गर्भवती को महिला डॉक्टर न होने का हवाला देकर घर जाने की सलाह दे डाली। नर्स की सलाह पर आशा वर्कर चंपा देवी पूछड़ी गांव निवासी इस प्रसव पीड़िता ममता को घर ले आई।
मंगलवार सुबह 9 बजे जब उसे फिर प्रसव पीड़ा हुई तो उसका पति बालम नेगी उसे अस्पताल लाया, जहां उसने इमरजेंसी कक्ष के बाहर ही महिला ने शिशु को जन्म दे दिया। आनन-फानन में ममता को अस्पताल कर्मी डिलीवरी रूम में ले गए, जहां उसे भर्ती किया गया है। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।