डीएम दीपक रावत ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में सिंचाई समिति की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौलापार क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें।
डीएम ने कहा कि उनके संज्ञान में आ रहा है कि गौलापार सिंचाई नहर में टेल के काश्तकारों को सिंचाई के लिए पानी मुहैया नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि नहर के प्रारंभ के काश्तकार अपने रोस्टर के अलावा दबंगई दिखाते हुए नहर के ताश/कुलावा खोलकर पानी ले लेते हैं जो कि अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। डीएम ने एसडीएम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौलापार में टेल तक काश्तकारों को पानी दिलाना सुनिश्चित कराएं। नहर की लीकेज को भी शीघ्र ठीक कराएं। डीएम ने कहा कि गौलापार क्षेत्र में जो भी सिंचाई के नलकूप हैं, जरूरत पड़ने पर उनसे भी पूर्ण पानी लेकर सिंचाई कराई जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गौला में 93 क्यूसेक पानी उपलब्ध है। इसमें से 30 क्यूसेक पानी हल्द्वानी शहर के लोगों के पीने के लिए जल संस्थान को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 63 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए नहर के माध्यम से दिया जा रहा है। डीएम ने कहा कि सिंचाई नहर से जो भी मोटर लगाकर सिंचाई करते मिले, उसके खिलाफ अधिशासी अभियंता एफआईआर दर्ज कराएं। बैठक में सीडीओ ललित मोहन रयाल, ईई सिंचाई बृजेंद्र कुमार, हल्द्वानी के कांडपाल, जल संस्थान के ईई जगदीप चौधरी, हल्द्वानी के एसके उपाध्याय आदि थे।