अगर आप दिल्ली से आने वाली रोडवेज बसों में सफर कर रहे हैं तो सावधान हो जाइये। इस रूट पर जहरखुरान यात्रियों को अपना शिकार बना रहे हैं। जहरखुरानों को पकड़ने के लिए गठित पुलिस टीम भी कोई काम नहीं कर रही है।
पुलिस के अनुसार जून, जुलाई में छुट्टी मिलने के कारण काफी संख्या में लोग नैनीताल की तरफ आते हैं। पर्यटकों की संख्या भी गर्मी के कारण सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक रहती है। जहरखुरान गिरोह गजरौला में बस रुकने पर चढ़ जाते हैं। रास्ते में यात्रियों से दोस्ती करने के बाद कोल्डड्रिंक्स, चाय या अन्य खाद्य पदार्थ में नशीला पदार्थ खिला देते हैं। यात्री के बेहोश होने पर जहरखुरान माल लेकर चंपत हो जाते हैं।
पिछले साल भी इसी प्रकार जहरखुरान गिरोह सक्रिय हुआ था तो पुलिस ने दिल्ली तक जाकर यात्रियों को अलर्ट किया था। दो जहरखुरान भी पुलिस के हत्थे चढ़े थे। इसके बाद रेंज स्तर पर गठित जहरखुरान स्क्वायड को समाप्त कर दिया गया। वहीं, जहरखुरानी के शिकार व्यक्ति इलाज कराकर घर जाते हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के कारण नैनीताल रूट पर भी जहरखुरान सक्रिय हो गए हैं।
पिछले साल हुए जहरखुरानी के शिकार
-ओखलकांडा देवली निवासी कुशल गिरी दिल्ली से बस में सवार होकर दो जुलाई को हल्द्वानी अचेतावस्था में आया। पता चला कि रास्ते में जहरखुरानों ने उससे 11 हजार रुपए लूट लिए।
-23 जून को दिल्ली से लौट रहे अल्मोड़ा निवासी हरीश बिनवाल से 22 हजार रुपए, मोबाइल और कपड़े लूटे गए थे।
-16 जून को रीठासाहिब चंपावत निवासी विनोद को नशीला पदार्थ खिलाकर 20 हजार रुपए लूटे गए।
-संजय कालोनी निवासी जावेद (28) अपनी बहन अफरोजजहां से मिलने और बकाया वसूलने के लिए दिल्ली स्थित सिलमपुर गया था। 18 जुलाई की रात लौटते समय जहरखुरानों ने उसका बैग लूट लिया। बैग में दो मोबाइल और 32 हजार रुपए थे।