दीपावली पर जमकर आतिशबाजी हुई। शहर और देहात में आतिशबाजी से आसमान सतरंगी होकर गूंज उठा। रौशनी के साथ आसमान में उड़ते पैराशूट राकेट आकर्षण का केंद्र रहे। चकाचौंध के बीच देर रात तक पटाखों की गूंज रही। अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 10 करोड़ की आतिशबाजी धुएं में उड़ाई गई।
आतिशबाजी को लेकर इस बार प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। बाजार क्षेत्रों में आतिशबाजी की बिक्री प्रतिबंधित थी। एमबी इंटर कॉलेज के ग्राउंड में आतिशबाजी की दुकानें सजी थी। दीपावली के पहले दिन ही लोगों ने जमकर आतिशबाजी खरीदी और दीपावली पर भी रात आठ बजे तक दुकानों में भीड़भाड़ रही।
महालक्ष्मी पूजन के बाद जमकर आतिशबाजी हुई। आतिशबाजी से पूरा आसमान सतरंगी रौशनी से जगमगा उठा। शहर और देहात इलाकों में देर रात तक आतिशबाजी के नजारे देखने को मिले। पैराशूट राकेट पहली बार बाजार में आया था। लोगों ने इसकी जमकर खरीद की।
राकेट रौशनी के साथ आसमान में पहुंचकर पैराशूट की तरह तैरता हुआ दिखा, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। आधी रात तक पटाखों की गूंज रही।
महालक्ष्मी की पूजा कर मांगा आशीर्वाद
दीपावली पर धन की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी का विधिविधान से पूजन किया गया। लोगों ने घरों में मंदिरों को सजाया था। लक्ष्मी पूजन के साथ ही आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि दीपावली पर जागरण करने और मां लक्ष्मी के पूजन से देवी खुश होती हैं।
आलस और निद्रा में देवी रूठकर चली जाती हैं। ज्योतिषि बताते हैं ब्रह्म पुराण में कार्तिक अमावस्या में अर्धरात्रि के समय लक्ष्मी गृहस्थों के घर में जहां तहां वितरण करती हैं। इसीलिए लोग अपने घरों को सजाते हैं, ताकि देवी लक्ष्मी उनके घरों में वास करे। अमावस्या प्रदोष काल से आधी रात तक श्रेष्ठ होती है।
सोशल मीडिया पर मनाई दीपावली
सोशल मीडिया पर दीपावली की खुशियां खूब साझा की गईं। लोगों ने सोशल मीडिया पर आतिशबाजी के वीडियो से लेकर एक-दूसरे को बधाई संदेश दिए। दीपावली की पूर्व संध्या से लोगों ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर दीपावली मैसेज शेयर और टैग करने शुरू कर दिए।
हर अकाउंट पर दीपावली के फोटो, मैसेज और वीडियो अपलोड होने से दूरसंचार कंपनियों की इंटरनेट सेवा भी प्रभावित रही। दीपावली पर भी देर रात तक बधाई संदेश देने का दौर चलता रहा।
चुनावी साल होने के कारण सोशल मीडिया पर अलग-अलग विधानसभाओं से संभावित प्रत्याशियों के सर्वाधिक बधाई संदेश पढ़े और देखे गए। अधिकतर दावेदारों ने अपने और अपने समर्थकों के अकाउंट से फेसबुक में बधाई संदेश लोड किए।
मिशन इंडिया के बच्चों के साथ मनाई दीवाली
समाजसेवी हेमंत गोनिया और उनकी टीम ने कठघरिया स्थित मिशन इंडिया (हास्टल) में बच्चों के साथ दीपावली मनाई। समाजसेवियों ने बच्चों को दीपावली गिफ्ट में मिठाइयों के अलावा कपड़े और उनकी जरूरत का सामान भेंट किया।
हास्टल में 25 गरीब बच्चे रहते हैं। हास्टल का संचालन डेविड और उनकी पत्नी बीना डेविड करती हैं। हेमंत गोनिया के साथ राजीव गोयल, पंकज तिवाड़ी, विजय महतोलिया, गुंजन सिंह, महेश शर्मा, अजय गुप्ता, दिनेेश सिंह मौजूद थे।
वरिष्ठ नागरिकों ने चीन सामान नष्ट कर मनाई दीपावली
वरिष्ठ जन कल्याण समिति पदाधिकारियों ने गोविंद बल्लभ पंत पुस्तकालय में एकत्र होकर दीपावली मनाई। समिति पदाधिकारियों ने चीन निर्मित सामग्री को एकत्र कर उसे नष्ट किया और संकल्प लिया कि चीन निर्मित सामग्री का बहिष्कार खुद के परिवार से शुरू कराएंगे।
इस दौरान दीये और मोमबत्तियां जलाकर एक दूसरे को दीपावली की बधाइयां दी। इस दौरान अध्यक्ष आनंद ठठोला, देवेंद्र सिंह कोटलिया, दया किशन बल्यूटिया, बीडी पाठक, पूरन सिंह जीना, रमेश भट्ट, केदार सिंह रावत, भुवन भाष्कर पांडे, बीएस भाकुनी, आईडी सुयाल, बीडी जोशी और नरोत्तम पांडे मौजूद थे।
शहीदों को याद कर मनाई दीपावली
सुनिधि विकास संस्था ने नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क में शहीदों की याद में दीये जलाकर दीपावली मनाई। संस्था संयोजक उमा भंडारी और सहायक विकास अधिकारी भूपेंद्र सिंह राणा ने शहीद मोहन सिंह पत्नी को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। शहीदों की याद में श्रद्धांजलि के रूप में सैकड़े दीये जलाए गए।
इस दौरान गिरीश भंडारी, विजय रावत, हिमांशु बधानी, विमला तिवारी, चमन सक्सेना, लीला तिवारी, मंजू तिवारी, अनीता तिवारी, जितेंद्र सिंह, मनोज भट्ट, मनोज भंडारी और नीरज कांडपाल समेत कई लोग मौजूद थे।
पटाखों से कुत्तों का आतंक
आतिशबाजी से आवारा कुत्तों का आतंक रहा। पटाखों की गूंज से स्ट्रीट डॉग सड़कों पर इधर से उधर दौड़ते नजर आए। कई जगहों पर आतिशबाजी के शोरगुल से डरे सहमे कुत्तों ने लोगों को काटा भी।