नैनीताल। लोगों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन की गठित टीम ने सोमवार को मल्लीताल राम सेवक सभा के परिसर के पास आढ़त का निरीक्षण किया। तहसीलदार भगवान सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम ने आढ़ती, सब्जी फुटकर विक्रेता और व्यापारियों से वार्ता की।
वार्ता के दौरान पालिका टीम ने बताया कि नगर पालिका में पांच आढ़तियों का पंजीकरण है। वहीं, सुबह के समय 40 से 50 लोग आढ़त में सब्जी बेचते नजर आते हैं। आढ़तियों को तीन दिन का समय देते हुए निर्देश दिए हैं कि जिनका नगर पालिका में पंजीकरण है, वही आढ़त का संचालन करेंगे। कोई भी फुटकर विक्रेता आढ़त में सब्जी बेचते नजर नहीं आएगा।
वहीं तहसीलदार भगवान सिंह चौहान ने बताया कि जिन आढ़तियों का पंजीकरण है वहीं आढ़त में सब्जी बेचेंगे। साथ ही सड़क पर कोई भी आढ़ती दुकान नहीं लगाएगा। इस संबंध में नगर पालिका की ओर से आढ़तियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। फुटकर सब्जी दुकानदारों की ओर से बेची जाएगी।
यहां खाद्य आपूर्ति अधिकारी राहुल डांगी, कोतवाल अशोक कुमार सिंह, टीएस लता आर्य, कुंदन बिष्ट, रुचिर साह, हिमांशु चंद्रा आदि मौजूद थे। वहीं, व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन नेगी ने आरोप लगाया कि आढ़त में पंजीकृत व्यापारियों के अलावा अन्य लोग अवैध रूप से सब्जी बिक्री कर रहे हैं। कहा कि आढ़ती दो सौ से तीन सौ रुपये लेकर आढ़त लगाने की अनुमति दे रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है।
मंडी के नियमानुसार केवल आढ़ती ही सब्जी को थोक में बेचेंगे, जबकि फुटकर विक्रेता किसी भी खरीदार को इसके लिए बाध्य नहीं करेंगे कि वह कम से कम ढाई किलो सब्जी की खरीद करें। फुटपाथ और सड़क पर सब्जी बेचने पर भी रोक लगा दी गई है।
भगवान सिंह चौहान, तहसीलदार