रामनगर। शराब की दुकान खोलने के विरोध में पाटकोट में महिलाएं छह दिन से धरने पर बैठी हैं। सोमवार को धरनास्थल पर पहुंचे जिला आबकारी अधिकारी को महिलाओं का विरोध झेलना पड़ा। तहसीलदार के समझाने पर महिलाएं रात में धरने पर नहीं बैठेंगी।
सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी मीनाक्षी टम्टा पाटकोट पहुंची और धरनास्थल पर आंदोलनरत महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। जिला आबकारी अधिकारी ने महिलाओं को बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने शराब की दुकान खोलने के लिए मांग पत्र दिया था। इस पर महिलाओं ने कहा कि जब हम अन्य विकास कार्यों के लिए सैकड़ों हस्ताक्षर करके ज्ञापन देते हैं, तब कोई भी हमारी नहीं सुनता। पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार ने महिलाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
समाजसेवी बबीता बिष्ट ने कहा कि विदेशी मदिरा की दुकान का लाइसेंस निरस्त होना चाहिए। नरेंद्र बिष्ट, केशवदत्त बधानी ने कहा कि ठेके से मात्र 120 मीटर की दूरी पर एक प्राथमिक स्कूल ओर 100 मीटर की दूरी पर मंदिर है। मानकों के तहत ठेका नहीं होना चाहिए। धरने पर बैठी महिलाओं ने दो टूक कहा कि नशे की दुकान को पाटकोट ही क्या आसपास के गांव में नहीं रखना चाहती। धरनास्थल पर क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना त्रिपाठी, श्वेता माशीवाल, लक्ष्मण सिंह, पूनम देवी, नरेंद्र बिष्ट, कमल पांडे, अमित बिष्ट, अंजली बोस, छाया पांडे रेनू तिवारी, चंद्रा तिवारी, विमला, रानी, रजनी, प्रभावती, हेमा, दया, गंगा, दीपक सती आदि रहे।
तहसीलदार ने महिलाओं को समझाया
धरनास्थल पर तसहलीदार कुलदीप पांडे ने महिलाओं को बताया दिया कि पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। महिलाओं से अनुरोध किया कि वे रात्रि में यहां न रुके केवल दिन में ही अपना प्रदर्शन करें। रात के समय वन्यजीवों का खतरा रहता है। तहसीलदार के समझाने पर महिलाएं मान गईं। महिलाएं मंगलवार सुबह दस बजे से रात दस बजे तक धरना देंगी। तहसीलदार ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस को तैनात किया गया है।
फोटो संख्या 03 - पाटकोट में जिला आबकारी अधिकारी से वार्ता करती महिलाएं।
फोटो संख्या 07 - महिला अंजली घोष
फोटो संख्या 08 - महिला छाया पांडे
फोटो संख्या 09 - पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी