लंबे समय से विवादों में घिरी रही श्री रामलीला कमेटी भंग हो गई। प्रशासन ने कमेटी को भंग करने के साथ रामलीला को नई कमेटी के माध्यम से कराने का फैसला किया है।
श्रीरामलीला कमेटी में लंबे समय से विवाद चल रहा है। वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूर्व महामंत्री ने मोर्चा खोलने के साथ आंदोलन किया था। 5 अगस्त को दोनों पक्षों में समझौता कराया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह के अनुसार इसमें तय हुआ था कि कमेटी का एक लाख सैंतीस हजार रुपया जमा किया जाएगा। इसके अलावा पिछले साल किये गये आय-व्यय, धार्मिक चंदे का विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा।
लेकिन, इस लिखित समझौते का पालन नहीं हुआ है। इसके बाद प्रशासन ने तय किया कि इस कमेटी के माध्यम से रामलीला का मंचन कराना सही नहीं है, जिसके मद्देनजर कमेटी को भंग करने का फैसला किया गया है।
नई कमेटी के माध्यम से रामलीला का मंचन कराया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। नई कमेटी का गठन होने तक सभी कार्य प्रशासन के माध्यम से होंगे।
वित्तीय अनियमितता के संबंध में उनका कहना है कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूर्व महामंत्री अमित कबड़वाल का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और राशि की रिकवरी को लेकर आंदोलन किया जाएगा।