फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामनगर में कांग्रेस कार्यालय के स्वामित्व पर बवाल: तालाबंदी से चढ़ा सियासी पारा, देर रात पुलिस ने की लाठीचार्ज

Tue, 13 May 2025 10:11 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, रामनगर

सार

कांग्रेस कार्यालय में स्वामित्व को लेकर यहां घमासान छिड़ गया। व्यापारी नीरज अग्रवाल ने भवन को अपना बताते हुए उसे अंदर से बंद कर दिया। इससे गुस्साए कांग्रेसियों ने पूर्व विधायक के साथ पहुंचकर यहां अपना ताला ठोंक दिया। सोमवार दिनभर हंगामा चलता रहा।
विज्ञापन
विवाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धरने पर बैठे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष

विज्ञापन


कांग्रेस कार्यालय में कब्जे को लेकर पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत और उनके समर्थकों का पुलिस के साथ जमकर विवाद हुआ। समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत का कहना है कि सुबह उन्हें सूचना मिली थी कि कांग्रेस कार्यालय के गेट पर लगे उनके ताले को तोड़कर किसी अन्य व्यक्ति ने नए ताले लगा दिए है। सूचना पर वह मौके पर पहुंचे और अपने पुराने ताले वापस लगवाए, लेकिन इसके तुरंत बाद भारी संख्या में पुलिस बल वहां पर पहुंच गई।

पूर्व विधायक ने पुलिस पर लगाये आरोप


कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता धरना पर बैठे थे। तहसीलदार मनीषा मारकाना ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया और धरने से उठने का आग्रह किया। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं व तहसीलदार के बीच नोंकझोंक हो गई और कार्यकर्ता नहीं माने। वहीं सीओ सुमित पांडे ने भी समझाने का प्रयास किया।

विज्ञापन

रामनगर में कांग्रेस कार्यालय पर कब्जे की खबर लगते ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, जसपुर विधायक आदेश चौहान, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक संजीव आर्य सहित तमाम कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान पूर्व विधायक संजीव आर्य की पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। सभी ने एकजुट होकर कार्यालय पर कब्जा करने वालों का सत्यापन करने की मांग की है।

पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत व कार्यालय स्वामी नीरज अग्रवाल के बीच कार्यालय को लेकर विवाद है। पिछले अक्टूबर में भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। सोमवार को कार्यालय स्वामी ने कार्यालय पर कब्जा कर लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे है। - सुमित पांडे, सीओ रामनगर


रामनगर के रानीखेत रोड पर कार्यालय का विवाद रुपयों के लेनदेन से जुड़ा बताया जाता है। पूर्व विधायक व व्यापारी के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अक्टूबर माह में दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद एक बार फिर से विवाद हो गया। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत और व्यापारी नीरज अग्रवाल का विवाद पिछले दो-तीन साल से चल रहा है। 2017 में व्यापारी ने अपना कार्यालय, गोदाम चुनाव कार्यालय के लिए दिया था। पिछले दो-तीन साल से दोनों के बीच विवाद की स्थिति पैदा होने लगी। व्यापारी अग्रवाल लंबे समय से कार्यालय, गोदाम खाली कराने की जुगत में लगे हुए हैं, जबकि पूर्व विधायक कार्यालय खाली नहीं करना चाह रहे थे। अक्टूबर माह में भी कब्जे को लेकर व्यापारी और पूर्व विधायक के बीच काफी हंगामा हुआ था। अब सात माह बाद व्यापारी ने कार्यालय में कब्जा कर लिया।

जाम खुलवाने के लिए पुलिस करना पड़ा बल प्रयोग

विज्ञापन

दिन भर रानीखेत रोड पर जाम के हालात रहे। ऐसे में कुछ लोगों को हाईवे से हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि हाईवे पर जाम की स्थिति थी। ऐसे में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया था।

कार्यालय पर अपराधियों की ओर से कब्जा कराया गया है। कार्यालय के अंदर कांग्रेस के दस्तावेज और जरूरी है। अगर कोई घटना होती है तो जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। - करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें